26 दिसंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 26 दिसंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 26 दिसंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:23, 27 दिस॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (03:14, 27 दिस॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 15:56 से 17:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:15
रात 06:48 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:23 तक
अमावस्या
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 03:14 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:47 – 08:06टालें
चर08:06 – 09:24सामान्य
लाभ09:24 – 10:43शुभ
अमृत10:43 – 12:01शुभ
काल12:01 – 13:19टालें
शुभ13:19 – 14:38शुभ
रोग14:38 – 15:56टालें
उद्वेग15:56 – 17:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:15 – 18:56शुभ
अमृत18:56 – 20:38शुभ
चर20:38 – 22:20सामान्य
रोग22:20 – 00:01टालें
काल00:01 – 01:43टालें
लाभ01:43 – 03:24शुभ
उद्वेग03:24 – 05:06टालें
शुभ05:06 – 06:48शुभ

26 दिसंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:23, 27 दिस॰ तक
अमावस्या 01:42, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 03:14, 27 दिस॰ तक
मूल 05:07, 28 दिस॰ तक
योग
शूलअशुभ 08:27 तक
गंडअशुभ 08:03, 27 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:54 तक
शकुनि 00:23, 27 दिस॰ तक
चतुष्पद 12:59, 27 दिस॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 03:14, 27 दिस॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
05:25
चंद्रास्त
15:51
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
15:56 – 17:15
यमगंड
12:01 – 13:19
गुलिक काल
14:38 – 15:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4707:39दिन
शुक्र07:3908:32दिन
बुध08:3209:24दिन
चंद्र09:2410:16दिन
शनि10:1611:09दिन
गुरु11:0912:01दिन
मंगल12:0112:53दिन
सूर्य12:5313:46दिन
शुक्र13:4614:38दिन
बुध14:3815:30दिन
चंद्र15:3016:23दिन
शनि16:2317:15दिन
गुरु17:1518:23रात
मंगल18:2319:30रात
सूर्य19:3020:38रात
शुक्र20:3821:46रात
बुध21:4622:54रात
चंद्र22:5400:01रात
शनि00:0101:09रात
गुरु01:0902:17रात
मंगल02:1703:24रात
सूर्य03:2404:32रात
शुक्र04:3205:40रात
बुध05:4006:48रात

अयनांश 24.2480° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।