29 दिसंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 29 दिसंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 29 दिसंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (05:40, 30 दिस॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (07:25 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 17:17
रात 06:49 तक
तिथि
द्वितीया, 05:40 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:48 – 08:07शुभ
अमृत08:07 – 09:25शुभ
काल09:25 – 10:44टालें
शुभ10:44 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:21टालें
उद्वेग13:21 – 14:40टालें
चर14:40 – 15:58सामान्य
लाभ15:58 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:17 – 18:58टालें
शुभ18:58 – 20:40शुभ
अमृत20:40 – 22:21शुभ
चर22:21 – 00:03सामान्य
रोग00:03 – 01:44टालें
काल01:44 – 03:26टालें
लाभ03:26 – 05:07शुभ
उद्वेग05:07 – 06:49टालें

29 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 05:40, 30 दिस॰ तक
शुक्ल तृतीया 08:12, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 10:07, 30 दिस॰ तक
योग
ध्रुव 08:18 तक
व्याघातअशुभ 08:54, 30 दिस॰ तक
करण
बालव 16:31 तक
कौलव 05:40, 30 दिस॰ तक
तैतिल 18:54, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
धनु 14:03 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
07:53
चंद्रास्त
18:38
दिनमान
10h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:23 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:21
यमगंड
08:07 – 09:25
गुलिक काल
10:44 – 12:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4807:41दिन
चंद्र07:4108:33दिन
शनि08:3309:25दिन
गुरु09:2510:18दिन
मंगल10:1811:10दिन
सूर्य11:1012:03दिन
शुक्र12:0312:55दिन
बुध12:5513:47दिन
चंद्र13:4714:40दिन
शनि14:4015:32दिन
गुरु15:3216:24दिन
मंगल16:2417:17दिन
सूर्य17:1718:24रात
शुक्र18:2419:32रात
बुध19:3220:40रात
चंद्र20:4021:47रात
शनि21:4722:55रात
गुरु22:5500:03रात
मंगल00:0301:10रात
सूर्य01:1002:18रात
शुक्र02:1803:26रात
बुध03:2604:33रात
चंद्र04:3305:41रात
शनि05:4106:49रात

अयनांश 24.2481° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।