17 मार्च 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 मार्च 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 मार्च 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (16:26 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (21:55 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 10:39 से 12:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:11
रात 06:07 तक
तिथि
सप्तमी, 16:26 तक
अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 21:55 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:08 – 07:38सामान्य
लाभ07:38 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:39शुभ
काल10:39 – 12:09टालें
शुभ12:09 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:10टालें
उद्वेग15:10 – 16:40टालें
चर16:40 – 18:11सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:11 – 19:40टालें
काल19:40 – 21:10टालें
लाभ21:10 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:09टालें
शुभ00:09 – 01:38शुभ
अमृत01:38 – 03:08शुभ
चर03:08 – 04:37सामान्य
रोग04:37 – 06:07टालें

17 मार्च 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 16:26 तक
कृष्ण अष्टमी 17:30, 18 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 23:43, 18 मार्च तक
योग
सिद्धि 21:53 तक
व्यतीपातअशुभ 21:45, 18 मार्च तक
करण
बव 16:26 तक
बालव 04:52, 18 मार्च तक
कौलव 17:30, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
00:02
चंद्रास्त
10:28
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:39 – 12:09
यमगंड
15:10 – 16:40
गुलिक काल
07:38 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0807:08दिन
बुध07:0808:08दिन
चंद्र08:0809:08दिन
शनि09:0810:09दिन
गुरु10:0911:09दिन
मंगल11:0912:09दिन
सूर्य12:0913:09दिन
शुक्र13:0914:10दिन
बुध14:1015:10दिन
चंद्र15:1016:10दिन
शनि16:1017:10दिन
गुरु17:1018:11दिन
मंगल18:1119:10रात
सूर्य19:1020:10रात
शुक्र20:1021:10रात
बुध21:1022:09रात
चंद्र22:0923:09रात
शनि23:0900:09रात
गुरु00:0901:08रात
मंगल01:0802:08रात
सूर्य02:0803:08रात
शुक्र03:0804:07रात
बुध04:0705:07रात
चंद्र05:0706:07रात

अयनांश 24.2511° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।