1 अप्रैल 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 1 अप्रैल 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 अप्रैल 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (14:14 तक), नक्षत्र मृगशिरा (02:23, 2 अप्रैल तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:18
रात 05:50 तक
तिथि
षष्ठी, 14:14 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 02:23 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:51 – 07:25टालें
शुभ07:25 – 08:58शुभ
रोग08:58 – 10:31टालें
उद्वेग10:31 – 12:05टालें
चर12:05 – 13:38सामान्य
लाभ13:38 – 15:11शुभ
अमृत15:11 – 16:45शुभ
काल16:45 – 18:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:18 – 19:45शुभ
उद्वेग19:45 – 21:11टालें
शुभ21:11 – 22:38शुभ
अमृत22:38 – 00:04शुभ
चर00:04 – 01:31सामान्य
रोग01:31 – 02:57टालें
काल02:57 – 04:24टालें
लाभ04:24 – 05:50शुभ

1 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 14:14 तक
शुक्ल सप्तमी 13:22, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
मृगशिरा 02:23, 2 अप्रैल तक
आर्द्रा 01:57, 3 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 23:30 तक
शोभन 21:32, 2 अप्रैल तक
करण
तैतिल 14:14 तक
गर 01:52, 2 अप्रैल तक
वणिज 13:22, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 14:25 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
09:46
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:31
यमगंड
13:38 – 15:11
गुलिक काल
05:51 – 07:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5106:54दिन
गुरु06:5407:56दिन
मंगल07:5608:58दिन
सूर्य08:5810:00दिन
शुक्र10:0011:02दिन
बुध11:0212:05दिन
चंद्र12:0513:07दिन
शनि13:0714:09दिन
गुरु14:0915:11दिन
मंगल15:1116:14दिन
सूर्य16:1417:16दिन
शुक्र17:1618:18दिन
बुध18:1819:16रात
चंद्र19:1620:13रात
शनि20:1321:11रात
गुरु21:1122:09रात
मंगल22:0923:06रात
सूर्य23:0600:04रात
शुक्र00:0401:02रात
बुध01:0202:00रात
चंद्र02:0002:57रात
शनि02:5703:55रात
गुरु03:5504:53रात
मंगल04:5305:50रात

अयनांश 24.2517° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।