11 अगस्त 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 अगस्त 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 अगस्त 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (03:12, 12 अग॰ तक), नक्षत्र रेवती (12:22 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 10:27 से 12:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 18:41
रात 05:31 तक
तिथि
षष्ठी, 03:12 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती, 12:22 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:31 – 07:09सामान्य
लाभ07:09 – 08:48शुभ
अमृत08:48 – 10:27शुभ
काल10:27 – 12:06टालें
शुभ12:06 – 13:44शुभ
रोग13:44 – 15:23टालें
उद्वेग15:23 – 17:02टालें
चर17:02 – 18:41सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:41 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 22:45शुभ
उद्वेग22:45 – 00:06टालें
शुभ00:06 – 01:27शुभ
अमृत01:27 – 02:48शुभ
चर02:48 – 04:10सामान्य
रोग04:10 – 05:31टालें

11 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 03:12, 12 अग॰ तक
कृष्ण सप्तमी 04:43, 13 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:22 तक
अश्विनी 14:46, 12 अग॰ तक
योग
शूलअशुभ 21:49 तक
गंडअशुभ 22:09, 12 अग॰ तक
करण
गर 14:15 तक
वणिज 03:12, 12 अग॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:02, 12 अग॰ तक
चंद्र राशि
मीन 12:22 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
21:45
चंद्रास्त
10:26
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
10:27 – 12:06
यमगंड
15:23 – 17:02
गुलिक काल
07:09 – 08:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3106:36दिन
बुध06:3607:42दिन
चंद्र07:4208:48दिन
शनि08:4809:54दिन
गुरु09:5411:00दिन
मंगल11:0012:06दिन
सूर्य12:0613:12दिन
शुक्र13:1214:17दिन
बुध14:1715:23दिन
चंद्र15:2316:29दिन
शनि16:2917:35दिन
गुरु17:3518:41दिन
मंगल18:4119:35रात
सूर्य19:3520:29रात
शुक्र20:2921:23रात
बुध21:2322:18रात
चंद्र22:1823:12रात
शनि23:1200:06रात
गुरु00:0601:00रात
मंगल01:0001:54रात
सूर्य01:5402:48रात
शुक्र02:4803:43रात
बुध03:4304:37रात
चंद्र04:3705:31रात

अयनांश 24.2567° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।