14 अगस्त 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 14 अगस्त 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 अगस्त 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (05:37 तक), नक्षत्र कृत्तिका (17:51 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 07:10 से 08:49 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 18:38
रात 05:33 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 17:51 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:32 – 07:10शुभ
काल07:10 – 08:49टालें
शुभ08:49 – 10:27शुभ
रोग10:27 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:43टालें
चर13:43 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 17:00शुभ
अमृत17:00 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:38 – 20:00सामान्य
रोग20:00 – 21:22टालें
काल21:22 – 22:44टालें
लाभ22:44 – 00:05शुभ
उद्वेग00:05 – 01:27टालें
शुभ01:27 – 02:49शुभ
अमृत02:49 – 04:11शुभ
चर04:11 – 05:33सामान्य

14 अगस्त 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 05:37 तक
कृष्ण नवमी 05:47, 15 अग॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 18:20, 15 अग॰ तक
योग
ध्रुव 21:22 तक
व्याघातअशुभ 20:06, 15 अग॰ तक
करण
कौलव 05:37 तक
तैतिल 17:48 तक
गर 05:47, 15 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
23:52
चंद्रास्त
13:16
दिनमान
13h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
07:10 – 08:49
यमगंड
10:27 – 12:05
गुलिक काल
13:43 – 15:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3206:38दिन
शनि06:3807:43दिन
गुरु07:4308:49दिन
मंगल08:4909:54दिन
सूर्य09:5411:00दिन
शुक्र11:0012:05दिन
बुध12:0513:11दिन
चंद्र13:1114:16दिन
शनि14:1615:22दिन
गुरु15:2216:27दिन
मंगल16:2717:33दिन
सूर्य17:3318:38दिन
शुक्र18:3819:33रात
बुध19:3320:27रात
चंद्र20:2721:22रात
शनि21:2222:16रात
गुरु22:1623:11रात
मंगल23:1100:05रात
सूर्य00:0501:00रात
शुक्र01:0001:54रात
बुध01:5402:49रात
चंद्र02:4903:43रात
शनि03:4304:38रात
गुरु04:3805:33रात

अयनांश 24.2568° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।