4 सितंबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 4 सितंबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 सितंबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (07:44, 5 सित॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (09:53 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 07:16 से 08:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 18:17
रात 05:42 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
शतभिषा, 09:53 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:42 – 07:16शुभ
काल07:16 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:25शुभ
रोग10:25 – 11:59टालें
उद्वेग11:59 – 13:34टालें
चर13:34 – 15:08सामान्य
लाभ15:08 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:17 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:08टालें
काल21:08 – 22:34टालें
लाभ22:34 – 00:00शुभ
उद्वेग00:00 – 01:25टालें
शुभ01:25 – 02:51शुभ
अमृत02:51 – 04:16शुभ
चर04:16 – 05:42सामान्य

4 सितंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 07:44, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 09:53 तक
पूर्वा भाद्रपद 12:53, 5 सित॰ तक
योग
धृति 02:17, 5 सित॰ तक
शूलअशुभ 03:12, 6 सित॰ तक
करण
बालव 18:31 तक
कौलव 07:44, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
18:17
चंद्रास्त
05:47
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
07:16 – 08:51
यमगंड
10:25 – 11:59
गुलिक काल
13:34 – 15:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4206:45दिन
शनि06:4507:48दिन
गुरु07:4808:51दिन
मंगल08:5109:53दिन
सूर्य09:5310:56दिन
शुक्र10:5611:59दिन
बुध11:5913:02दिन
चंद्र13:0214:05दिन
शनि14:0515:08दिन
गुरु15:0816:11दिन
मंगल16:1117:14दिन
सूर्य17:1418:17दिन
शुक्र18:1719:14रात
बुध19:1420:11रात
चंद्र20:1121:08रात
शनि21:0822:06रात
गुरु22:0623:03रात
मंगल23:0300:00रात
सूर्य00:0000:57रात
शुक्र00:5701:54रात
बुध01:5402:51रात
चंद्र02:5103:48रात
शनि03:4804:45रात
गुरु04:4505:42रात

अयनांश 24.2576° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।