19 सितंबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 19 सितंबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 19 सितंबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (20:00 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (12:17 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 14:57 से 16:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 18:00
रात 05:48 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 12:17 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:48 – 07:20टालें
उद्वेग07:20 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:23सामान्य
लाभ10:23 – 11:54शुभ
अमृत11:54 – 13:26शुभ
काल13:26 – 14:57टालें
शुभ14:57 – 16:29शुभ
रोग16:29 – 18:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:00 – 19:29टालें
लाभ19:29 – 20:57शुभ
उद्वेग20:57 – 22:26टालें
शुभ22:26 – 23:54शुभ
अमृत23:54 – 01:23शुभ
चर01:23 – 02:51सामान्य
रोग02:51 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:48टालें

19 सितंबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 20:00 तक
शुक्ल द्वितीया 16:19, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 09:18, 20 सित॰ तक
योग
शुक्ल 23:13 तक
ब्रह्म 19:05, 20 सित॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 09:56 तक
बव 20:00 तक
बालव 06:07, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
06:11
चंद्रास्त
18:10
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
14:57 – 16:29
यमगंड
08:51 – 10:23
गुलिक काल
11:54 – 13:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4806:49दिन
सूर्य06:4907:50दिन
शुक्र07:5008:51दिन
बुध08:5109:52दिन
चंद्र09:5210:53दिन
शनि10:5311:54दिन
गुरु11:5412:55दिन
मंगल12:5513:56दिन
सूर्य13:5614:57दिन
शुक्र14:5715:58दिन
बुध15:5816:59दिन
चंद्र16:5918:00दिन
शनि18:0018:59रात
गुरु18:5919:58रात
मंगल19:5820:57रात
सूर्य20:5721:56रात
शुक्र21:5622:55रात
बुध22:5523:54रात
चंद्र23:5400:53रात
शनि00:5301:52रात
गुरु01:5202:51रात
मंगल02:5103:50रात
सूर्य03:5004:49रात
शुक्र04:4905:48रात

अयनांश 24.2582° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।