3 अक्टूबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 3 अक्टूबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 3 अक्टूबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (21:55 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (21:48 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 14:47 से 16:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 17:45
रात 05:55 तक
तिथि
पूर्णिमा, 21:55 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 21:48 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:54 – 07:23टालें
उद्वेग07:23 – 08:52टालें
चर08:52 – 10:21सामान्य
लाभ10:21 – 11:49शुभ
अमृत11:49 – 13:18शुभ
काल13:18 – 14:47टालें
शुभ14:47 – 16:16शुभ
रोग16:16 – 17:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:45 – 19:16टालें
लाभ19:16 – 20:47शुभ
उद्वेग20:47 – 22:18टालें
शुभ22:18 – 23:50शुभ
अमृत23:50 – 01:21शुभ
चर01:21 – 02:52सामान्य
रोग02:52 – 04:23टालें
काल04:23 – 05:55टालें

3 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 21:55 तक
कृष्ण प्रतिपदा 00:04, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 00:28, 5 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 09:19 तक
ध्रुव 10:03, 4 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:45 तक
बव 21:55 तक
बालव 11:01, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
17:18
चंद्रास्त
05:25
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
14:47 – 16:16
यमगंड
08:52 – 10:21
गुलिक काल
11:49 – 13:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5406:53दिन
सूर्य06:5307:53दिन
शुक्र07:5308:52दिन
बुध08:5209:51दिन
चंद्र09:5110:50दिन
शनि10:5011:49दिन
गुरु11:4912:49दिन
मंगल12:4913:48दिन
सूर्य13:4814:47दिन
शुक्र14:4715:46दिन
बुध15:4616:45दिन
चंद्र16:4517:45दिन
शनि17:4518:45रात
गुरु18:4519:46रात
मंगल19:4620:47रात
सूर्य20:4721:48रात
शुक्र21:4822:49रात
बुध22:4923:50रात
चंद्र23:5000:51रात
शनि00:5101:51रात
गुरु01:5102:52रात
मंगल02:5203:53रात
सूर्य03:5304:54रात
शुक्र04:5405:55रात

अयनांश 24.2587° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।