5 अक्टूबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 5 अक्टूबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 5 अक्टूबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (01:58, 6 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (02:54, 6 अक्टू॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 13:17 से 14:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:42
रात 05:56 तक
तिथि
द्वितीया, 01:58 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 02:54 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:55 – 07:24शुभ
रोग07:24 – 08:52टालें
उद्वेग08:52 – 10:20टालें
चर10:20 – 11:49सामान्य
लाभ11:49 – 13:17शुभ
अमृत13:17 – 14:46शुभ
काल14:46 – 16:14टालें
शुभ16:14 – 17:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:42 – 19:14शुभ
चर19:14 – 20:46सामान्य
रोग20:46 – 22:17टालें
काल22:17 – 23:49टालें
लाभ23:49 – 01:21शुभ
उद्वेग01:21 – 02:52टालें
शुभ02:52 – 04:24शुभ
अमृत04:24 – 05:56शुभ

5 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 01:58, 6 अक्टू॰ तक
कृष्ण तृतीया 03:35, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 02:54, 6 अक्टू॰ तक
भरणी 05:03, 7 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 10:37 तक
हर्षण 10:59, 6 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 13:03 तक
गर 01:58, 6 अक्टू॰ तक
वणिज 14:49, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
18:24
चंद्रास्त
07:10
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
13:17 – 14:46
यमगंड
05:55 – 07:24
गुलिक काल
08:52 – 10:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5506:54दिन
मंगल06:5407:53दिन
सूर्य07:5308:52दिन
शुक्र08:5209:51दिन
बुध09:5110:50दिन
चंद्र10:5011:49दिन
शनि11:4912:48दिन
गुरु12:4813:47दिन
मंगल13:4714:46दिन
सूर्य14:4615:45दिन
शुक्र15:4516:44दिन
बुध16:4417:42दिन
चंद्र17:4218:44रात
शनि18:4419:45रात
गुरु19:4520:46रात
मंगल20:4621:47रात
सूर्य21:4722:48रात
शुक्र22:4823:49रात
बुध23:4900:50रात
चंद्र00:5001:51रात
शनि01:5102:52रात
गुरु02:5203:53रात
मंगल03:5304:55रात
सूर्य04:5505:56रात

अयनांश 24.2588° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।