1 नवंबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 1 नवंबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 1 नवंबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (13:08 तक), नक्षत्र रेवती (06:54 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 11:44 से 13:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:18
रात 06:11 तक
तिथि
चतुर्दशी, 13:08 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:10 – 07:34शुभ
अमृत07:34 – 08:57शुभ
काल08:57 – 10:21टालें
शुभ10:21 – 11:44शुभ
रोग11:44 – 13:08टालें
उद्वेग13:08 – 14:31टालें
चर14:31 – 15:54सामान्य
लाभ15:54 – 17:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:18 – 18:54टालें
शुभ18:54 – 20:31शुभ
अमृत20:31 – 22:08शुभ
चर22:08 – 23:44सामान्य
रोग23:44 – 01:21टालें
काल01:21 – 02:58टालें
लाभ02:58 – 04:34शुभ
उद्वेग04:34 – 06:11टालें

1 नवंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 13:08 तक
पूर्णिमा 14:47, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:54 तक
अश्विनी 09:09, 2 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 16:14 तक
सिद्धि 16:23, 2 नव॰ तक
करण
वणिज 13:08 तक
विष्टि (भद्रा) 02:00, 2 नव॰ तक
बव 14:47, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 06:54 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
16:24
चंद्रास्त
05:04
दिनमान
11h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:06 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:44 – 13:08
यमगंड
07:34 – 08:57
गुलिक काल
10:21 – 11:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1007:06दिन
चंद्र07:0608:02दिन
शनि08:0208:57दिन
गुरु08:5709:53दिन
मंगल09:5310:49दिन
सूर्य10:4911:44दिन
शुक्र11:4412:40दिन
बुध12:4013:35दिन
चंद्र13:3514:31दिन
शनि14:3115:27दिन
गुरु15:2716:22दिन
मंगल16:2217:18दिन
सूर्य17:1818:22रात
शुक्र18:2219:27रात
बुध19:2720:31रात
चंद्र20:3121:36रात
शनि21:3622:40रात
गुरु22:4023:44रात
मंगल23:4400:49रात
सूर्य00:4901:53रात
शुक्र01:5302:58रात
बुध02:5804:02रात
चंद्र04:0205:07रात
शनि05:0706:11रात

अयनांश 24.2599° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।