6 नवंबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 6 नवंबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 नवंबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (17:43 तक), नक्षत्र मृगशिरा (14:37 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 07:36 से 08:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:14
रात 06:15 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 14:37 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:14 – 07:36शुभ
काल07:36 – 08:59टालें
शुभ08:59 – 10:22शुभ
रोग10:22 – 11:44टालें
उद्वेग11:44 – 13:07टालें
चर13:07 – 14:29सामान्य
लाभ14:29 – 15:52शुभ
अमृत15:52 – 17:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:14 – 18:52सामान्य
रोग18:52 – 20:30टालें
काल20:30 – 22:07टालें
लाभ22:07 – 23:45शुभ
उद्वेग23:45 – 01:22टालें
शुभ01:22 – 03:00शुभ
अमृत03:00 – 04:37शुभ
चर04:37 – 06:15सामान्य

6 नवंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 17:43 तक
कृष्ण पंचमी 17:29, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:03, 7 नव॰ तक
योग
शिव 14:14 तक
सिद्ध 12:57, 7 नव॰ तक
करण
बालव 17:43 तक
कौलव 05:39, 7 नव॰ तक
तैतिल 17:29, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
20:21
चंद्रास्त
09:43
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
07:36 – 08:59
यमगंड
10:22 – 11:44
गुलिक काल
13:07 – 14:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1407:09दिन
शनि07:0908:04दिन
गुरु08:0408:59दिन
मंगल08:5909:54दिन
सूर्य09:5410:49दिन
शुक्र10:4911:44दिन
बुध11:4412:39दिन
चंद्र12:3913:34दिन
शनि13:3414:29दिन
गुरु14:2915:24दिन
मंगल15:2416:19दिन
सूर्य16:1917:14दिन
शुक्र17:1418:20रात
बुध18:2019:25रात
चंद्र19:2520:30रात
शनि20:3021:35रात
गुरु21:3522:40रात
मंगल22:4023:45रात
सूर्य23:4500:50रात
शुक्र00:5001:55रात
बुध01:5503:00रात
चंद्र03:0004:05रात
शनि04:0505:10रात
गुरु05:1006:15रात

अयनांश 24.2600° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।