5 जनवरी 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 5 जनवरी 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 5 जनवरी 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:31 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (22:06 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 10:47 से 12:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 17:22
रात 06:51 तक
तिथि
पंचमी, 12:31 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 22:06 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:50 – 08:09सामान्य
लाभ08:09 – 09:28शुभ
अमृत09:28 – 10:47शुभ
काल10:47 – 12:06टालें
शुभ12:06 – 13:25शुभ
रोग13:25 – 14:44टालें
उद्वेग14:44 – 16:03टालें
चर16:03 – 17:22सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:22 – 19:03टालें
काल19:03 – 20:44टालें
लाभ20:44 – 22:25शुभ
उद्वेग22:25 – 00:06टालें
शुभ00:06 – 01:47शुभ
अमृत01:47 – 03:28शुभ
चर03:28 – 05:09सामान्य
रोग05:09 – 06:51टालें

5 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:31 तक
कृष्ण षष्ठी 10:13, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
आयुष्मान 09:31 तक
सौभाग्य 06:25, 6 जन॰ तक
शोभन 03:22, 7 जन॰ तक
करण
तैतिल 12:31 तक
गर 23:22 तक
वणिज 10:13, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 03:42, 6 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
22:21
चंद्रास्त
09:57
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
10:47 – 12:06
यमगंड
14:44 – 16:03
गुलिक काल
08:09 – 09:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5007:43दिन
बुध07:4308:36दिन
चंद्र08:3609:28दिन
शनि09:2810:21दिन
गुरु10:2111:14दिन
मंगल11:1412:06दिन
सूर्य12:0612:59दिन
शुक्र12:5913:51दिन
बुध13:5114:44दिन
चंद्र14:4415:37दिन
शनि15:3716:29दिन
गुरु16:2917:22दिन
मंगल17:2218:29रात
सूर्य18:2919:37रात
शुक्र19:3720:44रात
बुध20:4421:51रात
चंद्र21:5122:59रात
शनि22:5900:06रात
गुरु00:0601:14रात
मंगल01:1402:21रात
सूर्य02:2103:28रात
शुक्र03:2804:36रात
बुध04:3605:43रात
चंद्र05:4306:51रात

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।