4 जनवरी 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 4 जनवरी 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 जनवरी 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (14:49 तक), नक्षत्र मघा (23:43 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 13:25 से 14:43 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 17:21
रात 06:50 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:49 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा, 23:43 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:50 – 08:09शुभ
रोग08:09 – 09:28टालें
उद्वेग09:28 – 10:47टालें
चर10:47 – 12:06सामान्य
लाभ12:06 – 13:25शुभ
अमृत13:25 – 14:43शुभ
काल14:43 – 16:02टालें
शुभ16:02 – 17:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:21 – 19:02शुभ
चर19:02 – 20:44सामान्य
रोग20:44 – 22:25टालें
काल22:25 – 00:06टालें
लाभ00:06 – 01:47शुभ
उद्वेग01:47 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 05:09शुभ
अमृत05:09 – 06:50शुभ

4 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 14:49 तक
कृष्ण पंचमी 12:31, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 23:43 तक
योग
प्रीति 12:37 तक
आयुष्मान 09:31, 5 जन॰ तक
करण
बालव 14:49 तक
कौलव 01:40, 5 जन॰ तक
तैतिल 12:31, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
21:18
चंद्रास्त
09:20
दिनमान
10h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
13:25 – 14:43
यमगंड
06:50 – 08:09
गुलिक काल
09:28 – 10:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5007:43दिन
मंगल07:4308:35दिन
सूर्य08:3509:28दिन
शुक्र09:2810:21दिन
बुध10:2111:13दिन
चंद्र11:1312:06दिन
शनि12:0612:58दिन
गुरु12:5813:51दिन
मंगल13:5114:43दिन
सूर्य14:4315:36दिन
शुक्र15:3616:29दिन
बुध16:2917:21दिन
चंद्र17:2118:29रात
शनि18:2919:36रात
गुरु19:3620:44रात
मंगल20:4421:51रात
सूर्य21:5122:58रात
शुक्र22:5800:06रात
बुध00:0601:13रात
चंद्र01:1302:21रात
शनि02:2103:28रात
गुरु03:2804:36रात
मंगल04:3605:43रात
सूर्य05:4306:50रात

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।