15 जनवरी 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 15 जनवरी 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 जनवरी 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (23:30 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (16:38 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 08:11 से 09:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:30
रात 06:51 तक
तिथि
प्रतिपदा, 23:30 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 16:38 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:51 – 08:11शुभ
काल08:11 – 09:31टालें
शुभ09:31 – 10:50शुभ
रोग10:50 – 12:10टालें
उद्वेग12:10 – 13:30टालें
चर13:30 – 14:50सामान्य
लाभ14:50 – 16:10शुभ
अमृत16:10 – 17:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:30 – 19:10सामान्य
रोग19:10 – 20:50टालें
काल20:50 – 22:30टालें
लाभ22:30 – 00:10शुभ
उद्वेग00:10 – 01:50टालें
शुभ01:50 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 05:11शुभ
चर05:11 – 06:51सामान्य

15 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 23:30 तक
शुक्ल द्वितीया 00:37, 17 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:09, 16 जन॰ तक
योग
हर्षण 08:30 तक
वज्रअशुभ 07:56, 16 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 11:08 तक
बव 23:30 तक
बालव 12:00, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
07:06
चंद्रास्त
18:11
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
08:11 – 09:31
यमगंड
10:50 – 12:10
गुलिक काल
13:30 – 14:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5107:44दिन
शनि07:4408:37दिन
गुरु08:3709:31दिन
मंगल09:3110:24दिन
सूर्य10:2411:17दिन
शुक्र11:1712:10दिन
बुध12:1013:03दिन
चंद्र13:0313:57दिन
शनि13:5714:50दिन
गुरु14:5015:43दिन
मंगल15:4316:36दिन
सूर्य16:3617:30दिन
शुक्र17:3018:36रात
बुध18:3619:43रात
चंद्र19:4320:50रात
शनि20:5021:57रात
गुरु21:5723:03रात
मंगल23:0300:10रात
सूर्य00:1001:17रात
शुक्र01:1702:24रात
बुध02:2403:30रात
चंद्र03:3004:37रात
शनि04:3705:44रात
गुरु05:4406:51रात

अयनांश 24.2627° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।