17 मार्च 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 17 मार्च 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 मार्च 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (14:43 तक), नक्षत्र रेवती (21:13 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 09:09 से 10:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:10
रात 06:07 तक
तिथि
द्वितीया, 14:43 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 21:13 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:08 – 07:38टालें
शुभ07:38 – 09:09शुभ
रोग09:09 – 10:39टालें
उद्वेग10:39 – 12:09टालें
चर12:09 – 13:40सामान्य
लाभ13:40 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:40शुभ
काल16:40 – 18:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:10 – 19:40शुभ
उद्वेग19:40 – 21:10टालें
शुभ21:10 – 22:39शुभ
अमृत22:39 – 00:09शुभ
चर00:09 – 01:38सामान्य
रोग01:38 – 03:08टालें
काल03:08 – 04:37टालें
लाभ04:37 – 06:07शुभ

17 मार्च 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 14:43 तक
शुक्ल तृतीया 17:14, 18 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 21:13 तक
अश्विनी 00:11, 19 मार्च तक
योग
ब्रह्म 21:43 तक
इंद्र 22:36, 18 मार्च तक
करण
कौलव 14:43 तक
तैतिल 03:59, 18 मार्च तक
गर 17:14, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 21:13 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
06:54
चंद्रास्त
20:07
दिनमान
12h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
09:09 – 10:39
यमगंड
13:40 – 15:10
गुलिक काल
06:08 – 07:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0807:08दिन
गुरु07:0808:08दिन
मंगल08:0809:09दिन
सूर्य09:0910:09दिन
शुक्र10:0911:09दिन
बुध11:0912:09दिन
चंद्र12:0913:09दिन
शनि13:0914:10दिन
गुरु14:1015:10दिन
मंगल15:1016:10दिन
सूर्य16:1017:10दिन
शुक्र17:1018:10दिन
बुध18:1019:10रात
चंद्र19:1020:10रात
शनि20:1021:10रात
गुरु21:1022:09रात
मंगल22:0923:09रात
सूर्य23:0900:09रात
शुक्र00:0901:08रात
बुध01:0802:08रात
चंद्र02:0803:08रात
शनि03:0804:07रात
गुरु04:0705:07रात
मंगल05:0706:07रात

अयनांश 24.2651° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।