19 मार्च 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 19 मार्च 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 मार्च 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (19:38 तक), नक्षत्र भरणी (03:01, 20 मार्च तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 07:37 से 09:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:11
रात 06:05 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:38 तक
पंचमी
नक्षत्र
भरणी, 03:01 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:06 – 07:37शुभ
काल07:37 – 09:07टालें
शुभ09:07 – 10:38शुभ
रोग10:38 – 12:09टालें
उद्वेग12:09 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:10सामान्य
लाभ15:10 – 16:41शुभ
अमृत16:41 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:11 – 19:41सामान्य
रोग19:41 – 21:10टालें
काल21:10 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:08शुभ
उद्वेग00:08 – 01:37टालें
शुभ01:37 – 03:06शुभ
अमृत03:06 – 04:36शुभ
चर04:36 – 06:05सामान्य

19 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 19:38 तक
शुक्ल पंचमी 21:48, 20 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 03:01, 20 मार्च तक
कृत्तिका 05:35, 21 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 23:23 तक
विष्कंभअशुभ 23:59, 20 मार्च तक
करण
वणिज 06:27 तक
विष्टि (भद्रा) 19:38 तक
बव 08:45, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
08:03
चंद्रास्त
21:54
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
07:37 – 09:07
यमगंड
10:38 – 12:09
गुलिक काल
13:39 – 15:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0607:06दिन
शनि07:0608:07दिन
गुरु08:0709:07दिन
मंगल09:0710:08दिन
सूर्य10:0811:08दिन
शुक्र11:0812:09दिन
बुध12:0913:09दिन
चंद्र13:0914:10दिन
शनि14:1015:10दिन
गुरु15:1016:11दिन
मंगल16:1117:11दिन
सूर्य17:1118:11दिन
शुक्र18:1119:11रात
बुध19:1120:10रात
चंद्र20:1021:10रात
शनि21:1022:09रात
गुरु22:0923:09रात
मंगल23:0900:08रात
सूर्य00:0801:08रात
शुक्र01:0802:07रात
बुध02:0703:06रात
चंद्र03:0604:06रात
शनि04:0605:05रात
गुरु05:0506:05रात

अयनांश 24.2651° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।