23 मार्च 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 23 मार्च 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 23 मार्च 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (01:10, 24 मार्च तक), नक्षत्र मृगशिरा (09:14 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 10:36 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:13
रात 06:00 तक
तिथि
अष्टमी, 01:10 तक
नवमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 09:14 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:01 – 07:33सामान्य
लाभ07:33 – 09:04शुभ
अमृत09:04 – 10:36शुभ
काल10:36 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:10टालें
उद्वेग15:10 – 16:42टालें
चर16:42 – 18:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:13 – 19:42टालें
काल19:42 – 21:10टालें
लाभ21:10 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:35शुभ
अमृत01:35 – 03:04शुभ
चर03:04 – 04:32सामान्य
रोग04:32 – 06:00टालें

23 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 01:10, 24 मार्च तक
शुक्ल नवमी 00:49, 25 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 10:02, 24 मार्च तक
योग
सौभाग्य 23:22 तक
शोभन 22:02, 24 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:03 तक
बव 01:10, 24 मार्च तक
बालव 13:06, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
11:14
चंद्रास्त
00:35
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
10:36 – 12:07
यमगंड
15:10 – 16:42
गुलिक काल
07:33 – 09:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0107:02दिन
बुध07:0208:03दिन
चंद्र08:0309:04दिन
शनि09:0410:05दिन
गुरु10:0511:06दिन
मंगल11:0612:07दिन
सूर्य12:0713:08दिन
शुक्र13:0814:09दिन
बुध14:0915:10दिन
चंद्र15:1016:11दिन
शनि16:1117:12दिन
गुरु17:1218:13दिन
मंगल18:1319:12रात
सूर्य19:1220:11रात
शुक्र20:1121:10रात
बुध21:1022:09रात
चंद्र22:0923:08रात
शनि23:0800:07रात
गुरु00:0701:06रात
मंगल01:0602:05रात
सूर्य02:0503:04रात
शुक्र03:0404:03रात
बुध04:0305:01रात
चंद्र05:0106:00रात

अयनांश 24.2653° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।