13 अप्रैल 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 अप्रैल 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (03:10, 14 अप्रैल तक), नक्षत्र रेवती (03:13, 14 अप्रैल तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 10:26 से 12:01 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 18:24
रात 05:38 तक
तिथि
अमावस्या, 03:10 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
रेवती, 03:13 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:39 – 07:15सामान्य
लाभ07:15 – 08:50शुभ
अमृत08:50 – 10:26शुभ
काल10:26 – 12:01टालें
शुभ12:01 – 13:37शुभ
रोग13:37 – 15:13टालें
उद्वेग15:13 – 16:48टालें
चर16:48 – 18:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:24 – 19:48टालें
काल19:48 – 21:12टालें
लाभ21:12 – 22:37शुभ
उद्वेग22:37 – 00:01टालें
शुभ00:01 – 01:25शुभ
अमृत01:25 – 02:49शुभ
चर02:49 – 04:14सामान्य
रोग04:14 – 05:38टालें

13 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 03:10, 14 अप्रैल तक
शुक्ल प्रतिपदा 05:33, 15 अप्रैल तक
नक्षत्र
रेवती 03:13, 14 अप्रैल तक
अश्विनी 06:07, 15 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:16, 14 अप्रैल तक
विष्कंभअशुभ 04:08, 15 अप्रैल तक
करण
चतुष्पद 13:56 तक
नाग 03:10, 14 अप्रैल तक
किंस्तुघ्न 16:22, 14 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मीन 03:13, 14 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
04:56
चंद्रास्त
18:03
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
10:26 – 12:01
यमगंड
15:13 – 16:48
गुलिक काल
07:15 – 08:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3906:43दिन
बुध06:4307:46दिन
चंद्र07:4608:50दिन
शनि08:5009:54दिन
गुरु09:5410:58दिन
मंगल10:5812:01दिन
सूर्य12:0113:05दिन
शुक्र13:0514:09दिन
बुध14:0915:13दिन
चंद्र15:1316:16दिन
शनि16:1617:20दिन
गुरु17:2018:24दिन
मंगल18:2419:20रात
सूर्य19:2020:16रात
शुक्र20:1621:12रात
बुध21:1222:09रात
चंद्र22:0923:05रात
शनि23:0500:01रात
गुरु00:0100:57रात
मंगल00:5701:53रात
सूर्य01:5302:49रात
शुक्र02:4903:46रात
बुध03:4604:42रात
चंद्र04:4205:38रात

अयनांश 24.2661° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।