26 अप्रैल 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 26 अप्रैल 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 अप्रैल 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (23:44 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (10:13 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 13:37 से 15:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:31
रात 05:26 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:44 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 10:13 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:27 – 07:05शुभ
रोग07:05 – 08:43टालें
उद्वेग08:43 – 10:21टालें
चर10:21 – 11:59सामान्य
लाभ11:59 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 15:15शुभ
काल15:15 – 16:53टालें
शुभ16:53 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:31 – 19:53शुभ
चर19:53 – 21:14सामान्य
रोग21:14 – 22:36टालें
काल22:36 – 23:58टालें
लाभ23:58 – 01:20शुभ
उद्वेग01:20 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:04शुभ
अमृत04:04 – 05:26शुभ

26 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 23:44 तक
शुक्ल चतुर्दशी 19:55, 27 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 07:19, 27 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 12:15 तक
हर्षण 08:04, 27 अप्रैल तक
करण
कौलव 13:35 तक
तैतिल 23:44 तक
गर 09:50, 27 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
16:20
चंद्रास्त
03:26
दिनमान
13h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 15:15
यमगंड
05:27 – 07:05
गुलिक काल
08:43 – 10:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2706:32दिन
मंगल06:3207:37दिन
सूर्य07:3708:43दिन
शुक्र08:4309:48दिन
बुध09:4810:53दिन
चंद्र10:5311:59दिन
शनि11:5913:04दिन
गुरु13:0414:09दिन
मंगल14:0915:15दिन
सूर्य15:1516:20दिन
शुक्र16:2017:25दिन
बुध17:2518:31दिन
चंद्र18:3119:25रात
शनि19:2520:20रात
गुरु20:2021:14रात
मंगल21:1422:09रात
सूर्य22:0923:04रात
शुक्र23:0423:58रात
बुध23:5800:53रात
चंद्र00:5301:47रात
शनि01:4702:42रात
गुरु02:4203:37रात
मंगल03:3704:31रात
सूर्य04:3105:26रात

अयनांश 24.2666° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।