2 सितंबर 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 2 सितंबर 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 2 सितंबर 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (00:17, 3 सित॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (04:48, 3 सित॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 16:45 से 18:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:20
रात 05:41 तक
तिथि
नवमी, 00:17 तक
दशमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 04:48 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:41 – 07:16टालें
चर07:16 – 08:50सामान्य
लाभ08:50 – 10:25शुभ
अमृत10:25 – 12:00शुभ
काल12:00 – 13:35टालें
शुभ13:35 – 15:10शुभ
रोग15:10 – 16:45टालें
उद्वेग16:45 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:20 – 19:45शुभ
अमृत19:45 – 21:10शुभ
चर21:10 – 22:35सामान्य
रोग22:35 – 00:00टालें
काल00:00 – 01:26टालें
लाभ01:26 – 02:51शुभ
उद्वेग02:51 – 04:16टालें
शुभ04:16 – 05:41शुभ

2 सितंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 00:17, 3 सित॰ तक
कृष्ण दशमी 00:51, 4 सित॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 04:48, 3 सित॰ तक
आर्द्रा 05:52, 4 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 23:12 तक
सिद्धि 22:40, 3 सित॰ तक
करण
तैतिल 11:42 तक
गर 00:17, 3 सित॰ तक
वणिज 12:40, 3 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 15:59 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:35
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
16:45 – 18:20
यमगंड
12:00 – 13:35
गुलिक काल
15:10 – 16:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4106:44दिन
शुक्र06:4407:47दिन
बुध07:4708:50दिन
चंद्र08:5009:54दिन
शनि09:5410:57दिन
गुरु10:5712:00दिन
मंगल12:0013:03दिन
सूर्य13:0314:07दिन
शुक्र14:0715:10दिन
बुध15:1016:13दिन
चंद्र16:1317:16दिन
शनि17:1618:20दिन
गुरु18:2019:16रात
मंगल19:1620:13रात
सूर्य20:1321:10रात
शुक्र21:1022:07रात
बुध22:0723:04रात
चंद्र23:0400:00रात
शनि00:0000:57रात
गुरु00:5701:54रात
मंगल01:5402:51रात
सूर्य02:5103:48रात
शुक्र03:4804:44रात
बुध04:4405:41रात

अयनांश 24.2715° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।