3 नवंबर 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 3 नवंबर 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 नवंबर 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (20:58 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (19:00 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 17:17
रात 06:12 तक
तिथि
द्वादशी, 20:58 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 19:00 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:12 – 07:35टालें
शुभ07:35 – 08:58शुभ
रोग08:58 – 10:21टालें
उद्वेग10:21 – 11:44टालें
चर11:44 – 13:07सामान्य
लाभ13:07 – 14:30शुभ
अमृत14:30 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:17 – 18:54शुभ
उद्वेग18:54 – 20:30टालें
शुभ20:30 – 22:07शुभ
अमृत22:07 – 23:44शुभ
चर23:44 – 01:21सामान्य
रोग01:21 – 02:58टालें
काल02:58 – 04:35टालें
लाभ04:35 – 06:12शुभ

3 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 20:58 तक
कृष्ण त्रयोदशी 17:30, 4 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 16:19, 4 नव॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 23:19 तक
विष्कंभअशुभ 19:15, 4 नव॰ तक
करण
कौलव 10:32 तक
तैतिल 20:58 तक
गर 07:16, 4 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
02:48
चंद्रास्त
14:56
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:21
यमगंड
13:07 – 14:30
गुलिक काल
06:12 – 07:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1207:07दिन
गुरु07:0708:02दिन
मंगल08:0208:58दिन
सूर्य08:5809:53दिन
शुक्र09:5310:49दिन
बुध10:4911:44दिन
चंद्र11:4412:40दिन
शनि12:4013:35दिन
गुरु13:3514:30दिन
मंगल14:3015:26दिन
सूर्य15:2616:21दिन
शुक्र16:2117:17दिन
बुध17:1718:21रात
चंद्र18:2119:26रात
शनि19:2620:30रात
गुरु20:3021:35रात
मंगल21:3522:40रात
सूर्य22:4023:44रात
शुक्र23:4400:49रात
बुध00:4901:54रात
चंद्र01:5402:58रात
शनि02:5804:03रात
गुरु04:0305:08रात
मंगल05:0806:12रात

अयनांश 24.2739° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।