30 नवंबर 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 नवंबर 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 नवंबर 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (14:58 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (04:10, 1 दिस॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 10:30 से 11:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:07
रात 06:32 तक
तिथि
नवमी, 14:58 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 04:10 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:31 – 07:51सामान्य
लाभ07:51 – 09:10शुभ
अमृत09:10 – 10:30शुभ
काल10:30 – 11:49टालें
शुभ11:49 – 13:09शुभ
रोग13:09 – 14:28टालें
उद्वेग14:28 – 15:48टालें
चर15:48 – 17:07सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:07 – 18:48टालें
काल18:48 – 20:28टालें
लाभ20:28 – 22:09शुभ
उद्वेग22:09 – 23:50टालें
शुभ23:50 – 01:30शुभ
अमृत01:30 – 03:11शुभ
चर03:11 – 04:52सामान्य
रोग04:52 – 06:32टालें

30 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 14:58 तक
कृष्ण दशमी 12:40, 1 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 04:10, 1 दिस॰ तक
हस्त 02:15, 2 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 10:09 तक
प्रीति 07:11, 1 दिस॰ तक
करण
गर 14:58 तक
वणिज 01:53, 1 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:40, 1 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 11:15 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
00:34
चंद्रास्त
12:50
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
10:30 – 11:49
यमगंड
14:28 – 15:48
गुलिक काल
07:51 – 09:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3107:24दिन
बुध07:2408:17दिन
चंद्र08:1709:10दिन
शनि09:1010:03दिन
गुरु10:0310:56दिन
मंगल10:5611:49दिन
सूर्य11:4912:42दिन
शुक्र12:4213:35दिन
बुध13:3514:28दिन
चंद्र14:2815:21दिन
शनि15:2116:14दिन
गुरु16:1417:07दिन
मंगल17:0718:14रात
सूर्य18:1419:21रात
शुक्र19:2120:28रात
बुध20:2821:35रात
चंद्र21:3522:43रात
शनि22:4323:50रात
गुरु23:5000:57रात
मंगल00:5702:04रात
सूर्य02:0403:11रात
शुक्र03:1104:18रात
बुध04:1805:25रात
चंद्र05:2506:32रात

अयनांश 24.2749° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।