8 दिसंबर 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 8 दिसंबर 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 दिसंबर 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (12:11 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:37 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 09:15 से 10:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:08
रात 06:38 तक
तिथि
तृतीया, 12:11 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:37 – 07:56टालें
शुभ07:56 – 09:15शुभ
रोग09:15 – 10:34टालें
उद्वेग10:34 – 11:53टालें
चर11:53 – 13:11सामान्य
लाभ13:11 – 14:30शुभ
अमृत14:30 – 15:49शुभ
काल15:49 – 17:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:08 – 18:49शुभ
उद्वेग18:49 – 20:30टालें
शुभ20:30 – 22:12शुभ
अमृत22:12 – 23:53शुभ
चर23:53 – 01:34सामान्य
रोग01:34 – 03:15टालें
काल03:15 – 04:57टालें
लाभ04:57 – 06:38शुभ

8 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 12:11 तक
शुक्ल चतुर्थी 10:38, 9 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 08:39, 9 दिस॰ तक
योग
वृद्धि 22:18 तक
ध्रुव 20:06, 9 दिस॰ तक
करण
गर 12:11 तक
वणिज 23:19 तक
विष्टि (भद्रा) 10:38, 9 दिस॰ तक
चंद्र राशि
धनु 15:18 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
09:02
चंद्रास्त
20:06
दिनमान
10h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
09:15 – 10:34
यमगंड
13:11 – 14:30
गुलिक काल
06:37 – 07:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3707:30दिन
गुरु07:3008:22दिन
मंगल08:2209:15दिन
सूर्य09:1510:07दिन
शुक्र10:0711:00दिन
बुध11:0011:53दिन
चंद्र11:5312:45दिन
शनि12:4513:38दिन
गुरु13:3814:30दिन
मंगल14:3015:23दिन
सूर्य15:2316:15दिन
शुक्र16:1517:08दिन
बुध17:0818:15रात
चंद्र18:1519:23रात
शनि19:2320:30रात
गुरु20:3021:38रात
मंगल21:3822:45रात
सूर्य22:4523:53रात
शुक्र23:5301:00रात
बुध01:0002:08रात
चंद्र02:0803:15रात
शनि03:1504:23रात
गुरु04:2305:30रात
मंगल05:3006:38रात

अयनांश 24.2752° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।