10 दिसंबर 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 10 दिसंबर 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 10 दिसंबर 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:51 तक), नक्षत्र श्रवण (08:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 07:57 से 09:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:08
रात 06:39 तक
तिथि
पंचमी, 09:51 तक
षष्ठी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:39 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:16टालें
शुभ09:16 – 10:35शुभ
रोग10:35 – 11:53टालें
उद्वेग11:53 – 13:12टालें
चर13:12 – 14:31सामान्य
लाभ14:31 – 15:50शुभ
अमृत15:50 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:08 – 18:50सामान्य
रोग18:50 – 20:31टालें
काल20:31 – 22:12टालें
लाभ22:12 – 23:54शुभ
उद्वेग23:54 – 01:35टालें
शुभ01:35 – 03:17शुभ
अमृत03:17 – 04:58शुभ
चर04:58 – 06:39सामान्य

10 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:51 तक
शुक्ल षष्ठी 09:51, 11 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 08:26 तक
धनिष्ठा 08:59, 11 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 18:30 तक
हर्षण 17:32, 11 दिस॰ तक
करण
बालव 09:51 तक
कौलव 21:45 तक
तैतिल 09:51, 11 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मकर 20:37 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
10:27
चंद्रास्त
22:07
दिनमान
10h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
07:57 – 09:16
यमगंड
10:35 – 11:53
गुलिक काल
13:12 – 14:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3907:31दिन
शनि07:3108:24दिन
गुरु08:2409:16दिन
मंगल09:1610:08दिन
सूर्य10:0811:01दिन
शुक्र11:0111:53दिन
बुध11:5312:46दिन
चंद्र12:4613:38दिन
शनि13:3814:31दिन
गुरु14:3115:23दिन
मंगल15:2316:16दिन
सूर्य16:1617:08दिन
शुक्र17:0818:16रात
बुध18:1619:23रात
चंद्र19:2320:31रात
शनि20:3121:39रात
गुरु21:3922:46रात
मंगल22:4623:54रात
सूर्य23:5401:01रात
शुक्र01:0102:09रात
बुध02:0903:17रात
चंद्र03:1704:24रात
शनि04:2405:32रात
गुरु05:3206:39रात

अयनांश 24.2753° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।