8 अक्टूबर 2027 को बहरमपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027, बहरमपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 को बहरमपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (06:28 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (07:14 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 09:56 से 11:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 17:17
रात 05:31 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:31 – 06:59सामान्य
लाभ06:59 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:56शुभ
काल09:56 – 11:24टालें
शुभ11:24 – 12:52शुभ
रोग12:52 – 14:21टालें
उद्वेग14:21 – 15:49टालें
चर15:49 – 17:17सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:17 – 18:49टालें
काल18:49 – 20:21टालें
लाभ20:21 – 21:52शुभ
उद्वेग21:52 – 23:24टालें
शुभ23:24 – 00:56शुभ
अमृत00:56 – 02:28शुभ
चर02:28 – 03:59सामान्य
रोग03:59 – 05:31टालें

8 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 06:28 तक
शुक्ल नवमी 09:02, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 10:18, 9 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 12:52 तक
सुकर्मा 13:52, 9 अक्टू॰ तक
करण
बव 06:28 तक
बालव 19:43 तक
कौलव 09:02, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 13:59 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
12:57
चंद्रास्त
23:53
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:56 – 11:24
यमगंड
14:21 – 15:49
गुलिक काल
06:59 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3106:30दिन
बुध06:3007:29दिन
चंद्र07:2908:27दिन
शनि08:2709:26दिन
गुरु09:2610:25दिन
मंगल10:2511:24दिन
सूर्य11:2412:23दिन
शुक्र12:2313:22दिन
बुध13:2214:21दिन
चंद्र14:2115:19दिन
शनि15:1916:18दिन
गुरु16:1817:17दिन
मंगल17:1718:18रात
सूर्य18:1819:20रात
शुक्र19:2020:21रात
बुध20:2121:22रात
चंद्र21:2222:23रात
शनि22:2323:24रात
गुरु23:2400:25रात
मंगल00:2501:27रात
सूर्य01:2702:28रात
शुक्र02:2803:29रात
बुध03:2904:30रात
चंद्र04:3005:31रात

अयनांश 24.2449° (लाहिड़ी)। समय बहरमपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।