8 सितंबर 2028 को बहरमपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 8 सितंबर 2028, बहरमपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 8 सितंबर 2028 को बहरमपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (14:30 तक), नक्षत्र अश्विनी (21:09 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 10:01 से 11:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 17:47
रात 05:21 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:30 तक
पंचमी
नक्षत्र
अश्विनी, 21:09 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:20 – 06:54सामान्य
लाभ06:54 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 10:01शुभ
काल10:01 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 13:07शुभ
रोग13:07 – 14:41टालें
उद्वेग14:41 – 16:14टालें
चर16:14 – 17:47सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:47 – 19:14टालें
काल19:14 – 20:41टालें
लाभ20:41 – 22:07शुभ
उद्वेग22:07 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 01:01शुभ
अमृत01:01 – 02:27शुभ
चर02:27 – 03:54सामान्य
रोग03:54 – 05:21टालें

8 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 14:30 तक
कृष्ण पंचमी 16:13, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 23:21, 9 सित॰ तक
योग
ध्रुव 05:14, 9 सित॰ तक
व्याघातअशुभ 05:24, 10 सित॰ तक
करण
बालव 14:30 तक
कौलव 03:25, 9 सित॰ तक
तैतिल 16:13, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
20:02
चंद्रास्त
08:45
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:48 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
10:01 – 11:34
यमगंड
14:41 – 16:14
गुलिक काल
06:54 – 08:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2006:23दिन
बुध06:2307:25दिन
चंद्र07:2508:27दिन
शनि08:2709:29दिन
गुरु09:2910:32दिन
मंगल10:3211:34दिन
सूर्य11:3412:36दिन
शुक्र12:3613:38दिन
बुध13:3814:41दिन
चंद्र14:4115:43दिन
शनि15:4316:45दिन
गुरु16:4517:47दिन
मंगल17:4718:45रात
सूर्य18:4519:43रात
शुक्र19:4320:41रात
बुध20:4121:38रात
चंद्र21:3822:36रात
शनि22:3623:34रात
गुरु23:3400:32रात
मंगल00:3201:30रात
सूर्य01:3002:27रात
शुक्र02:2703:25रात
बुध03:2504:23रात
चंद्र04:2305:21रात

अयनांश 24.2578° (लाहिड़ी)। समय बहरमपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।