16 जनवरी 2026 को बल्लारी का चौघड़िया

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026, बल्लारी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को बल्लारी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:22 तक), नक्षत्र मूल (08:12, 17 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 11:07 से 12:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 18:12
रात 06:52 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:22 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:51 – 08:16सामान्य
लाभ08:16 – 09:41शुभ
अमृत09:41 – 11:07शुभ
काल11:07 – 12:32टालें
शुभ12:32 – 13:57शुभ
रोग13:57 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 16:47टालें
चर16:47 – 18:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:12 – 19:47टालें
काल19:47 – 21:22टालें
लाभ21:22 – 22:57शुभ
उद्वेग22:57 – 00:32टालें
शुभ00:32 – 02:07शुभ
अमृत02:07 – 03:42शुभ
चर03:42 – 05:17सामान्य
रोग05:17 – 06:52टालें

16 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:22 तक
कृष्ण चतुर्दशी 00:04, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:12, 17 जन॰ तक
योग
ध्रुव 21:06 तक
व्याघातअशुभ 21:18, 17 जन॰ तक
करण
गर 09:22 तक
वणिज 22:22 तक
विष्टि (भद्रा) 11:16, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
04:46
चंद्रास्त
16:02
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
11:07 – 12:32
यमगंड
15:22 – 16:47
गुलिक काल
08:16 – 09:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5107:48दिन
बुध07:4808:45दिन
चंद्र08:4509:41दिन
शनि09:4110:38दिन
गुरु10:3811:35दिन
मंगल11:3512:32दिन
सूर्य12:3213:28दिन
शुक्र13:2814:25दिन
बुध14:2515:22दिन
चंद्र15:2216:18दिन
शनि16:1817:15दिन
गुरु17:1518:12दिन
मंगल18:1219:15रात
सूर्य19:1520:18रात
शुक्र20:1821:22रात
बुध21:2222:25रात
चंद्र22:2523:28रात
शनि23:2800:32रात
गुरु00:3201:35रात
मंगल01:3502:38रात
सूर्य02:3803:42रात
शुक्र03:4204:45रात
बुध04:4505:48रात
चंद्र05:4806:52रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय बल्लारी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।