16 मार्च 2026 को बर्धमान का चौघड़िया

सोमवार, 16 मार्च 2026, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 मार्च 2026 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (09:41 तक), नक्षत्र श्रवण (05:56 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 07:16 से 08:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 17:47
रात 05:45 तक
तिथि
द्वादशी, 09:41 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:46 – 07:16शुभ
काल07:16 – 08:47टालें
शुभ08:47 – 10:17शुभ
रोग10:17 – 11:47टालें
उद्वेग11:47 – 13:17टालें
चर13:17 – 14:47सामान्य
लाभ14:47 – 16:17शुभ
अमृत16:17 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:47 – 19:17सामान्य
रोग19:17 – 20:47टालें
काल20:47 – 22:17टालें
लाभ22:17 – 23:46शुभ
उद्वेग23:46 – 01:16टालें
शुभ01:16 – 02:46शुभ
अमृत02:46 – 04:16शुभ
चर04:16 – 05:45सामान्य

16 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:41 तक
कृष्ण त्रयोदशी 09:23, 17 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 05:56 तक
धनिष्ठा 06:22, 17 मार्च तक
योग
शिव 09:36 तक
सिद्ध 08:15, 17 मार्च तक
करण
तैतिल 09:41 तक
गर 21:37 तक
वणिज 09:23, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 18:14 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
03:54
चंद्रास्त
15:16
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
07:16 – 08:47
यमगंड
10:17 – 11:47
गुलिक काल
13:17 – 14:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4606:46दिन
शनि06:4607:47दिन
गुरु07:4708:47दिन
मंगल08:4709:47दिन
सूर्य09:4710:47दिन
शुक्र10:4711:47दिन
बुध11:4712:47दिन
चंद्र12:4713:47दिन
शनि13:4714:47दिन
गुरु14:4715:47दिन
मंगल15:4716:47दिन
सूर्य16:4717:47दिन
शुक्र17:4718:47रात
बुध18:4719:47रात
चंद्र19:4720:47रात
शनि20:4721:47रात
गुरु21:4722:47रात
मंगल22:4723:46रात
सूर्य23:4600:46रात
शुक्र00:4601:46रात
बुध01:4602:46रात
चंद्र02:4603:46रात
शनि03:4604:46रात
गुरु04:4605:45रात

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।