28 सितंबर 2026 को बर्धमान का चौघड़िया

सोमवार, 28 सितंबर 2026, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 28 सितंबर 2026 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (19:14 तक), नक्षत्र रेवती (10:16 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 06:59 से 08:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 17:29
रात 05:29 तक
तिथि
द्वितीया, 19:14 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 10:16 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:29 – 06:59शुभ
काल06:59 – 08:29टालें
शुभ08:29 – 09:59शुभ
रोग09:59 – 11:29टालें
उद्वेग11:29 – 12:59टालें
चर12:59 – 14:29सामान्य
लाभ14:29 – 15:59शुभ
अमृत15:59 – 17:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:29 – 18:59सामान्य
रोग18:59 – 20:29टालें
काल20:29 – 21:59टालें
लाभ21:59 – 23:29शुभ
उद्वेग23:29 – 00:59टालें
शुभ00:59 – 02:29शुभ
अमृत02:29 – 03:59शुभ
चर03:59 – 05:29सामान्य

28 सितंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 19:14 तक
कृष्ण तृतीया 17:10, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 10:16 तक
अश्विनी 09:03, 29 सित॰ तक
योग
ध्रुव 08:53 तक
व्याघातअशुभ 06:13, 29 सित॰ तक
करण
तैतिल 08:09 तक
गर 19:14 तक
वणिज 06:14, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 10:16 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
18:24
चंद्रास्त
06:48
दिनमान
12h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:53

अशुभ समय

राहुकाल
06:59 – 08:29
यमगंड
09:59 – 11:29
गुलिक काल
12:59 – 14:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2906:29दिन
शनि06:2907:29दिन
गुरु07:2908:29दिन
मंगल08:2909:29दिन
सूर्य09:2910:29दिन
शुक्र10:2911:29दिन
बुध11:2912:29दिन
चंद्र12:2913:29दिन
शनि13:2914:29दिन
गुरु14:2915:29दिन
मंगल15:2916:29दिन
सूर्य16:2917:29दिन
शुक्र17:2918:29रात
बुध18:2919:29रात
चंद्र19:2920:29रात
शनि20:2921:29रात
गुरु21:2922:29रात
मंगल22:2923:29रात
सूर्य23:2900:29रात
शुक्र00:2901:29रात
बुध01:2902:29रात
चंद्र02:2903:29रात
शनि03:2904:29रात
गुरु04:2905:29रात

अयनांश 24.2306° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।