7 नवंबर 2026 को बर्धमान का चौघड़िया

शनिवार, 7 नवंबर 2026, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 नवंबर 2026 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (10:48 तक), नक्षत्र चित्रा (05:52, 8 नव॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 16:57 पर है। राहुकाल 08:34 से 09:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 16:57
रात 05:47 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:48 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:47 – 07:10टालें
शुभ07:10 – 08:34शुभ
रोग08:34 – 09:58टालें
उद्वेग09:58 – 11:22टालें
चर11:22 – 12:45सामान्य
लाभ12:45 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:33शुभ
काल15:33 – 16:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:57 – 18:33शुभ
उद्वेग18:33 – 20:09टालें
शुभ20:09 – 21:46शुभ
अमृत21:46 – 23:22शुभ
चर23:22 – 00:58सामान्य
रोग00:58 – 02:35टालें
काल02:35 – 04:11टालें
लाभ04:11 – 05:47शुभ

7 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 10:48 तक
कृष्ण चतुर्दशी 11:28, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 05:52, 8 नव॰ तक
योग
प्रीति 03:27, 8 नव॰ तक
आयुष्मान 03:03, 9 नव॰ तक
करण
वणिज 10:48 तक
विष्टि (भद्रा) 23:05 तक
शकुनि 11:28, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 17:15 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
16:57
चंद्रोदय
03:49
चंद्रास्त
15:28
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
10:59 – 11:44

अशुभ समय

राहुकाल
08:34 – 09:58
यमगंड
12:45 – 14:09
गुलिक काल
05:47 – 07:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4706:42दिन
गुरु06:4207:38दिन
मंगल07:3808:34दिन
सूर्य08:3409:30दिन
शुक्र09:3010:26दिन
बुध10:2611:22दिन
चंद्र11:2212:17दिन
शनि12:1713:13दिन
गुरु13:1314:09दिन
मंगल14:0915:05दिन
सूर्य15:0516:01दिन
शुक्र16:0116:57दिन
बुध16:5718:01रात
चंद्र18:0119:05रात
शनि19:0520:09रात
गुरु20:0921:13रात
मंगल21:1322:18रात
सूर्य22:1823:22रात
शुक्र23:2200:26रात
बुध00:2601:30रात
चंद्र01:3002:35रात
शनि02:3503:39रात
गुरु03:3904:43रात
मंगल04:4305:47रात

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।