20 मार्च 2027 को बर्धमान का चौघड़िया

शनिवार, 20 मार्च 2027, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 मार्च 2027 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (20:45 तक), नक्षत्र मघा (23:44 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 08:44 से 10:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:49
रात 05:42 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:45 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 23:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:43 – 07:13टालें
शुभ07:13 – 08:44शुभ
रोग08:44 – 10:15टालें
उद्वेग10:15 – 11:46टालें
चर11:46 – 13:17सामान्य
लाभ13:17 – 14:47शुभ
अमृत14:47 – 16:18शुभ
काल16:18 – 17:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:49 – 19:18शुभ
उद्वेग19:18 – 20:47टालें
शुभ20:47 – 22:16शुभ
अमृत22:16 – 23:45शुभ
चर23:45 – 01:14सामान्य
रोग01:14 – 02:44टालें
काल02:44 – 04:13टालें
लाभ04:13 – 05:42शुभ

20 मार्च 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 20:45 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:22, 21 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 23:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी 22:07, 21 मार्च तक
योग
धृति 20:05 तक
शूलअशुभ 16:58, 21 मार्च तक
करण
कौलव 10:01 तक
तैतिल 20:45 तक
गर 07:32, 21 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
15:49
चंद्रास्त
04:01
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
08:44 – 10:15
यमगंड
13:17 – 14:47
गुलिक काल
05:43 – 07:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4306:43दिन
गुरु06:4307:44दिन
मंगल07:4408:44दिन
सूर्य08:4409:45दिन
शुक्र09:4510:45दिन
बुध10:4511:46दिन
चंद्र11:4612:46दिन
शनि12:4613:47दिन
गुरु13:4714:47दिन
मंगल14:4715:48दिन
सूर्य15:4816:48दिन
शुक्र16:4817:49दिन
बुध17:4918:48रात
चंद्र18:4819:48रात
शनि19:4820:47रात
गुरु20:4721:47रात
मंगल21:4722:46रात
सूर्य22:4623:45रात
शुक्र23:4500:45रात
बुध00:4501:44रात
चंद्र01:4402:44रात
शनि02:4403:43रात
गुरु03:4304:42रात
मंगल04:4205:42रात

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।