20 सितंबर 2027 को बर्धमान का चौघड़िया

सोमवार, 20 सितंबर 2027, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 सितंबर 2027 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:09 तक), नक्षत्र भरणी (18:09 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 06:57 से 08:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 17:37
रात 05:26 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
भरणी, 18:09 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:26 – 06:57शुभ
काल06:57 – 08:29टालें
शुभ08:29 – 10:00शुभ
रोग10:00 – 11:31टालें
उद्वेग11:31 – 13:03टालें
चर13:03 – 14:34सामान्य
लाभ14:34 – 16:06शुभ
अमृत16:06 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:37 – 19:06सामान्य
रोग19:06 – 20:34टालें
काल20:34 – 22:03टालें
लाभ22:03 – 23:32शुभ
उद्वेग23:32 – 01:00टालें
शुभ01:00 – 02:29शुभ
अमृत02:29 – 03:58शुभ
चर03:58 – 05:26सामान्य

20 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:09 तक
कृष्ण पंचमी 06:43, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 18:09 तक
कृत्तिका 18:13, 21 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 07:14 तक
हर्षण 05:49, 21 सित॰ तक
करण
बालव 07:09 तक
कौलव 18:59 तक
तैतिल 06:43, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 00:12, 21 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
20:12
चंद्रास्त
09:09
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
06:57 – 08:29
यमगंड
10:00 – 11:31
गुलिक काल
13:03 – 14:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2606:27दिन
शनि06:2707:28दिन
गुरु07:2808:29दिन
मंगल08:2909:30दिन
सूर्य09:3010:31दिन
शुक्र10:3111:31दिन
बुध11:3112:32दिन
चंद्र12:3213:33दिन
शनि13:3314:34दिन
गुरु14:3415:35दिन
मंगल15:3516:36दिन
सूर्य16:3617:37दिन
शुक्र17:3718:36रात
बुध18:3619:35रात
चंद्र19:3520:34रात
शनि20:3421:33रात
गुरु21:3322:33रात
मंगल22:3323:32रात
सूर्य23:3200:31रात
शुक्र00:3101:30रात
बुध01:3002:29रात
चंद्र02:2903:28रात
शनि03:2804:27रात
गुरु04:2705:26रात

अयनांश 24.2442° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।