25 सितंबर 2027 को बर्धमान का चौघड़िया

शनिवार, 25 सितंबर 2027, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 सितंबर 2027 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (22:31 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (14:27 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 08:29 से 09:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 17:32
रात 05:28 तक
तिथि
दशमी, 22:31 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 14:27 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:28 – 06:58टालें
शुभ06:58 – 08:29शुभ
रोग08:29 – 09:59टालें
उद्वेग09:59 – 11:30टालें
चर11:30 – 13:00सामान्य
लाभ13:00 – 14:31शुभ
अमृत14:31 – 16:01शुभ
काल16:01 – 17:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:32 – 19:01शुभ
उद्वेग19:01 – 20:31टालें
शुभ20:31 – 22:00शुभ
अमृत22:00 – 23:30शुभ
चर23:30 – 00:59सामान्य
रोग00:59 – 02:29टालें
काल02:29 – 03:58टालें
लाभ03:58 – 05:28शुभ

25 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 22:31 तक
कृष्ण एकादशी 19:49, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 12:38, 26 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 17:51 तक
शिव 14:35, 26 सित॰ तक
करण
वणिज 11:45 तक
विष्टि (भद्रा) 22:31 तक
बव 09:12, 26 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 08:52 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
00:05
चंद्रास्त
14:00
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
08:29 – 09:59
यमगंड
13:00 – 14:31
गुलिक काल
05:28 – 06:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2806:28दिन
गुरु06:2807:28दिन
मंगल07:2808:29दिन
सूर्य08:2909:29दिन
शुक्र09:2910:29दिन
बुध10:2911:30दिन
चंद्र11:3012:30दिन
शनि12:3013:30दिन
गुरु13:3014:31दिन
मंगल14:3115:31दिन
सूर्य15:3116:32दिन
शुक्र16:3217:32दिन
बुध17:3218:32रात
चंद्र18:3219:31रात
शनि19:3120:31रात
गुरु20:3121:31रात
मंगल21:3122:30रात
सूर्य22:3023:30रात
शुक्र23:3000:30रात
बुध00:3001:29रात
चंद्र01:2902:29रात
शनि02:2903:29रात
गुरु03:2904:28रात
मंगल04:2805:28रात

अयनांश 24.2444° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।