10 नवंबर 2029 को बर्धमान का चौघड़िया

शनिवार, 10 नवंबर 2029, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 नवंबर 2029 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (19:14 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:36 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 16:55 पर है। राहुकाल 08:35 से 09:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 16:55
रात 05:49 तक
तिथि
पंचमी, 19:14 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:36 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:49 – 07:12टालें
शुभ07:12 – 08:35शुभ
रोग08:35 – 09:59टालें
उद्वेग09:59 – 11:22टालें
चर11:22 – 12:45सामान्य
लाभ12:45 – 14:08शुभ
अमृत14:08 – 15:32शुभ
काल15:32 – 16:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:55 – 18:32शुभ
उद्वेग18:32 – 20:09टालें
शुभ20:09 – 21:45शुभ
अमृत21:45 – 23:22शुभ
चर23:22 – 00:59सामान्य
रोग00:59 – 02:36टालें
काल02:36 – 04:12टालें
लाभ04:12 – 05:49शुभ

10 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 19:14 तक
शुक्ल षष्ठी 18:11, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:22, 11 नव॰ तक
योग
धृति 16:31 तक
शूलअशुभ 14:24, 11 नव॰ तक
करण
बव 08:03 तक
बालव 19:14 तक
कौलव 06:37, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
धनु 05:28, 11 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
16:55
चंद्रोदय
09:55
चंद्रास्त
21:04
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:44

अशुभ समय

राहुकाल
08:35 – 09:59
यमगंड
12:45 – 14:08
गुलिक काल
05:49 – 07:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4906:44दिन
गुरु06:4407:40दिन
मंगल07:4008:35दिन
सूर्य08:3509:31दिन
शुक्र09:3110:26दिन
बुध10:2611:22दिन
चंद्र11:2212:17दिन
शनि12:1713:13दिन
गुरु13:1314:08दिन
मंगल14:0815:04दिन
सूर्य15:0416:00दिन
शुक्र16:0016:55दिन
बुध16:5518:00रात
चंद्र18:0019:04रात
शनि19:0420:09रात
गुरु20:0921:13रात
मंगल21:1322:18रात
सूर्य22:1823:22रात
शुक्र23:2200:27रात
बुध00:2701:31रात
चंद्र01:3102:36रात
शनि02:3603:40रात
गुरु03:4004:45रात
मंगल04:4505:49रात

अयनांश 24.2742° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।