2 फ़रवरी 2025 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 2 फ़रवरी 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 2 फ़रवरी 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (09:14 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (00:52, 3 फ़र॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 16:31 से 17:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 17:52
रात 06:58 तक
तिथि
पंचमी, 06:53 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 00:52 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:59 – 08:21टालें
चर08:21 – 09:42सामान्य
लाभ09:42 – 11:04शुभ
अमृत11:04 – 12:26शुभ
काल12:26 – 13:47टालें
शुभ13:47 – 15:09शुभ
रोग15:09 – 16:31टालें
उद्वेग16:31 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:52 – 19:31शुभ
अमृत19:31 – 21:09शुभ
चर21:09 – 22:47सामान्य
रोग22:47 – 00:25टालें
काल00:25 – 02:04टालें
लाभ02:04 – 03:42शुभ
उद्वेग03:42 – 05:20टालें
शुभ05:20 – 06:58शुभ

2 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 09:14 तक
शुक्ल पंचमी 06:53, 3 फ़र॰ तक
शुक्ल षष्ठी 04:37, 4 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 00:52, 3 फ़र॰ तक
रेवती 23:16, 3 फ़र॰ तक
योग
शिव 09:14 तक
सिद्ध 06:05, 3 फ़र॰ तक
साध्य 03:02, 4 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:14 तक
बव 20:03 तक
बालव 06:53, 3 फ़र॰ तक
कौलव 17:44, 3 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
09:26
चंद्रास्त
22:01
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
16:31 – 17:52
यमगंड
12:26 – 13:47
गुलिक काल
15:09 – 16:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5907:53दिन
शुक्र07:5308:48दिन
बुध08:4809:42दिन
चंद्र09:4210:37दिन
शनि10:3711:31दिन
गुरु11:3112:26दिन
मंगल12:2613:20दिन
सूर्य13:2014:15दिन
शुक्र14:1515:09दिन
बुध15:0916:03दिन
चंद्र16:0316:58दिन
शनि16:5817:52दिन
गुरु17:5218:58रात
मंगल18:5820:03रात
सूर्य20:0321:09रात
शुक्र21:0922:14रात
बुध22:1423:20रात
चंद्र23:2000:25रात
शनि00:2501:31रात
गुरु01:3102:36रात
मंगल02:3603:42रात
सूर्य03:4204:47रात
शुक्र04:4705:53रात
बुध05:5306:58रात

अयनांश 24.2075° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।