26 फ़रवरी 2025 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 26 फ़रवरी 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 26 फ़रवरी 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (11:08 तक), नक्षत्र श्रवण (17:23 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 12:25 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:10
रात 06:39 तक
तिथि
त्रयोदशी, 11:08 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
श्रवण, 17:23 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:40 – 08:06शुभ
अमृत08:06 – 09:32शुभ
काल09:32 – 10:59टालें
शुभ10:59 – 12:25शुभ
रोग12:25 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:17टालें
चर15:17 – 16:44सामान्य
लाभ16:44 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:10 – 19:43टालें
शुभ19:43 – 21:17शुभ
अमृत21:17 – 22:51शुभ
चर22:51 – 00:24सामान्य
रोग00:24 – 01:58टालें
काल01:58 – 03:32टालें
लाभ03:32 – 05:05शुभ
उद्वेग05:05 – 06:39टालें

26 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 11:08 तक
कृष्ण चतुर्दशी 08:55, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 17:23 तक
धनिष्ठा 15:43, 27 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 02:57, 27 फ़र॰ तक
शिव 23:40, 27 फ़र॰ तक
करण
वणिज 11:08 तक
विष्टि (भद्रा) 22:05 तक
शकुनि 08:55, 27 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मकर 04:37, 27 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
05:33
चंद्रास्त
16:24
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:25 – 13:51
यमगंड
08:06 – 09:32
गुलिक काल
10:59 – 12:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4007:37दिन
चंद्र07:3708:35दिन
शनि08:3509:32दिन
गुरु09:3210:30दिन
मंगल10:3011:27दिन
सूर्य11:2712:25दिन
शुक्र12:2513:22दिन
बुध13:2214:20दिन
चंद्र14:2015:17दिन
शनि15:1716:15दिन
गुरु16:1517:12दिन
मंगल17:1218:10दिन
सूर्य18:1019:12रात
शुक्र19:1220:15रात
बुध20:1521:17रात
चंद्र21:1722:19रात
शनि22:1923:22रात
गुरु23:2200:24रात
मंगल00:2401:27रात
सूर्य01:2702:29रात
शुक्र02:2903:32रात
बुध03:3204:34रात
चंद्र04:3405:36रात
शनि05:3606:39रात

अयनांश 24.2084° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।