4 मार्च 2025 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 4 मार्च 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 मार्च 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (15:17 तक), नक्षत्र भरणी (02:37, 5 मार्च तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 15:19 से 16:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 18:14
रात 06:33 तक
तिथि
पंचमी, 15:17 तक
षष्ठी
नक्षत्र
भरणी, 02:37 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:34 – 08:01टालें
उद्वेग08:01 – 09:29टालें
चर09:29 – 10:56सामान्य
लाभ10:56 – 12:24शुभ
अमृत12:24 – 13:51शुभ
काल13:51 – 15:19टालें
शुभ15:19 – 16:46शुभ
रोग16:46 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:14 – 19:46टालें
लाभ19:46 – 21:18शुभ
उद्वेग21:18 – 22:51टालें
शुभ22:51 – 00:23शुभ
अमृत00:23 – 01:55शुभ
चर01:55 – 03:28सामान्य
रोग03:28 – 05:00टालें
काल05:00 – 06:33टालें

4 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 15:17 तक
शुक्ल षष्ठी 12:51, 5 मार्च तक
नक्षत्र
भरणी 02:37, 5 मार्च तक
कृत्तिका 01:08, 6 मार्च तक
योग
इंद्र 02:06, 5 मार्च तक
वैधृतिअशुभ 23:07, 5 मार्च तक
करण
बालव 15:17 तक
कौलव 02:01, 5 मार्च तक
तैतिल 12:51, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
09:10
चंद्रास्त
23:09
दिनमान
11h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:19 – 16:46
यमगंड
09:29 – 10:56
गुलिक काल
12:24 – 13:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3407:32दिन
सूर्य07:3208:30दिन
शुक्र08:3009:29दिन
बुध09:2910:27दिन
चंद्र10:2711:25दिन
शनि11:2512:24दिन
गुरु12:2413:22दिन
मंगल13:2214:20दिन
सूर्य14:2015:19दिन
शुक्र15:1916:17दिन
बुध16:1717:15दिन
चंद्र17:1518:14दिन
शनि18:1419:15रात
गुरु19:1520:17रात
मंगल20:1721:18रात
सूर्य21:1822:20रात
शुक्र22:2023:22रात
बुध23:2200:23रात
चंद्र00:2301:25रात
शनि01:2502:26रात
गुरु02:2603:28रात
मंगल03:2804:29रात
सूर्य04:2905:31रात
शुक्र05:3106:33रात

अयनांश 24.2087° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।