30 मार्च 2025 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 30 मार्च 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 30 मार्च 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (12:49 तक), नक्षत्र रेवती (16:35 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 16:56 से 18:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 18:29
रात 06:03 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:49 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रेवती, 16:35 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:04 – 07:37टालें
चर07:37 – 09:10सामान्य
लाभ09:10 – 10:43शुभ
अमृत10:43 – 12:16शुभ
काल12:16 – 13:49टालें
शुभ13:49 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:56टालें
उद्वेग16:56 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:29 – 19:55शुभ
अमृत19:55 – 21:22शुभ
चर21:22 – 22:49सामान्य
रोग22:49 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:43टालें
लाभ01:43 – 03:09शुभ
उद्वेग03:09 – 04:36टालें
शुभ04:36 – 06:03शुभ

30 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:49 तक
शुक्ल द्वितीया 09:11, 31 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 16:35 तक
अश्विनी 13:45, 31 मार्च तक
योग
इंद्र 17:53 तक
वैधृतिअशुभ 13:45, 31 मार्च तक
करण
बव 12:49 तक
बालव 23:00 तक
कौलव 09:11, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 16:35 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
06:26
चंद्रास्त
19:39
दिनमान
12h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
16:56 – 18:29
यमगंड
12:16 – 13:49
गुलिक काल
15:22 – 16:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0407:06दिन
शुक्र07:0608:08दिन
बुध08:0809:10दिन
चंद्र09:1010:12दिन
शनि10:1211:14दिन
गुरु11:1412:16दिन
मंगल12:1613:18दिन
सूर्य13:1814:20दिन
शुक्र14:2015:22दिन
बुध15:2216:25दिन
चंद्र16:2517:27दिन
शनि17:2718:29दिन
गुरु18:2919:26रात
मंगल19:2620:24रात
सूर्य20:2421:22रात
शुक्र21:2222:20रात
बुध22:2023:18रात
चंद्र23:1800:16रात
शनि00:1601:14रात
गुरु01:1402:12रात
मंगल02:1203:09रात
सूर्य03:0904:07रात
शुक्र04:0705:05रात
बुध05:0506:03रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।