15 सितंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 15 सितंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 सितंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (01:31, 16 सित॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (07:31 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 07:29 से 09:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:17
रात 05:57 तक
तिथि
नवमी, 01:31 तक
दशमी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:57 – 07:29शुभ
काल07:29 – 09:02टालें
शुभ09:02 – 10:34शुभ
रोग10:34 – 12:07टालें
उद्वेग12:07 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:12सामान्य
लाभ15:12 – 16:44शुभ
अमृत16:44 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:17 – 19:44सामान्य
रोग19:44 – 21:12टालें
काल21:12 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:07शुभ
उद्वेग00:07 – 01:35टालें
शुभ01:35 – 03:02शुभ
अमृत03:02 – 04:30शुभ
चर04:30 – 05:57सामान्य

15 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 01:31, 16 सित॰ तक
कृष्ण दशमी 00:22, 17 सित॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 06:46, 16 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 02:34, 16 सित॰ तक
वरीयान 00:34, 17 सित॰ तक
करण
तैतिल 14:16 तक
गर 01:31, 16 सित॰ तक
वणिज 12:53, 16 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
14:02
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
07:29 – 09:02
यमगंड
10:34 – 12:07
गुलिक काल
13:39 – 15:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5706:58दिन
शनि06:5808:00दिन
गुरु08:0009:02दिन
मंगल09:0210:03दिन
सूर्य10:0311:05दिन
शुक्र11:0512:07दिन
बुध12:0713:08दिन
चंद्र13:0814:10दिन
शनि14:1015:12दिन
गुरु15:1216:13दिन
मंगल16:1317:15दिन
सूर्य17:1518:17दिन
शुक्र18:1719:15रात
बुध19:1520:13रात
चंद्र20:1321:12रात
शनि21:1222:10रात
गुरु22:1023:09रात
मंगल23:0900:07रात
सूर्य00:0701:05रात
शुक्र01:0502:04रात
बुध02:0403:02रात
चंद्र03:0204:01रात
शनि04:0104:59रात
गुरु04:5905:57रात

अयनांश 24.2161° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।