2 अक्टूबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (19:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (09:13 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 13:30 से 14:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:57
रात 06:06 तक
तिथि
दशमी, 19:11 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:05 – 07:34शुभ
रोग07:34 – 09:03टालें
उद्वेग09:03 – 10:32टालें
चर10:32 – 12:01सामान्य
लाभ12:01 – 13:30शुभ
अमृत13:30 – 14:59शुभ
काल14:59 – 16:28टालें
शुभ16:28 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:57 – 19:28शुभ
चर19:28 – 20:59सामान्य
रोग20:59 – 22:30टालें
काल22:30 – 00:01टालें
लाभ00:01 – 01:32शुभ
उद्वेग01:32 – 03:03टालें
शुभ03:03 – 04:35शुभ
अमृत04:35 – 06:06शुभ

2 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 19:11 तक
शुक्ल एकादशी 18:33, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:34, 3 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 23:28 तक
धृति 21:45, 3 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 07:12 तक
गर 19:11 तक
वणिज 06:58, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
14:59
चंद्रास्त
00:43
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
13:30 – 14:59
यमगंड
06:05 – 07:34
गुलिक काल
09:03 – 10:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0507:04दिन
मंगल07:0408:04दिन
सूर्य08:0409:03दिन
शुक्र09:0310:02दिन
बुध10:0211:02दिन
चंद्र11:0212:01दिन
शनि12:0113:00दिन
गुरु13:0013:59दिन
मंगल13:5914:59दिन
सूर्य14:5915:58दिन
शुक्र15:5816:57दिन
बुध16:5717:57दिन
चंद्र17:5718:57रात
शनि18:5719:58रात
गुरु19:5820:59रात
मंगल20:5922:00रात
सूर्य22:0023:00रात
शुक्र23:0000:01रात
बुध00:0101:02रात
चंद्र01:0202:03रात
शनि02:0303:03रात
गुरु03:0304:04रात
मंगल04:0405:05रात
सूर्य05:0506:06रात

अयनांश 24.2168° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।