30 अक्टूबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (10:07 तक), नक्षत्र श्रवण (18:33 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 13:19 से 14:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 17:29
रात 06:23 तक
तिथि
अष्टमी, 10:07 तक
नवमी
नक्षत्र
श्रवण, 18:33 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:22 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:09टालें
उद्वेग09:09 – 10:32टालें
चर10:32 – 11:55सामान्य
लाभ11:55 – 13:19शुभ
अमृत13:19 – 14:42शुभ
काल14:42 – 16:05टालें
शुभ16:05 – 17:29शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:29 – 19:05शुभ
चर19:05 – 20:42सामान्य
रोग20:42 – 22:19टालें
काल22:19 – 23:56टालें
लाभ23:56 – 01:32शुभ
उद्वेग01:32 – 03:09टालें
शुभ03:09 – 04:46शुभ
अमृत04:46 – 06:23शुभ

30 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 10:07 तक
शुक्ल नवमी 10:04, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:33 तक
धनिष्ठा 18:51, 31 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 07:20 तक
गंडअशुभ 06:15, 31 अक्टू॰ तक
वृद्धि 04:31, 1 नव॰ तक
करण
बव 10:07 तक
बालव 22:11 तक
कौलव 10:04, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
13:32
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
13:19 – 14:42
यमगंड
06:22 – 07:45
गुलिक काल
09:09 – 10:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2207:18दिन
मंगल07:1808:13दिन
सूर्य08:1309:09दिन
शुक्र09:0910:04दिन
बुध10:0411:00दिन
चंद्र11:0011:55दिन
शनि11:5512:51दिन
गुरु12:5113:46दिन
मंगल13:4614:42दिन
सूर्य14:4215:37दिन
शुक्र15:3716:33दिन
बुध16:3317:29दिन
चंद्र17:2918:33रात
शनि18:3319:38रात
गुरु19:3820:42रात
मंगल20:4221:47रात
सूर्य21:4722:51रात
शुक्र22:5123:56रात
बुध23:5601:00रात
चंद्र01:0002:05रात
शनि02:0503:09रात
गुरु03:0904:14रात
मंगल04:1405:18रात
सूर्य05:1806:23रात

अयनांश 24.2179° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।