22 दिसंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 22 दिसंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (10:52 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (05:32, 23 दिस॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 08:18 से 09:35 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 17:21
रात 07:01 तक
तिथि
द्वितीया, 10:52 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 05:32 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:00 – 08:18शुभ
काल08:18 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 10:53शुभ
रोग10:53 – 12:10टालें
उद्वेग12:10 – 13:28टालें
चर13:28 – 14:45सामान्य
लाभ14:45 – 16:03शुभ
अमृत16:03 – 17:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:21 – 19:03सामान्य
रोग19:03 – 20:46टालें
काल20:46 – 22:28टालें
लाभ22:28 – 00:11शुभ
उद्वेग00:11 – 01:53टालें
शुभ01:53 – 03:36शुभ
अमृत03:36 – 05:18शुभ
चर05:18 – 07:01सामान्य

22 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 10:52 तक
शुक्ल तृतीया 12:13, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 05:32, 23 दिस॰ तक
श्रवण 07:07, 24 दिस॰ तक
योग
ध्रुव 16:40 तक
व्याघातअशुभ 16:30, 23 दिस॰ तक
करण
कौलव 10:52 तक
तैतिल 23:35 तक
गर 12:13, 23 दिस॰ तक
चंद्र राशि
धनु 10:07 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
08:52
चंद्रास्त
19:18
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
08:18 – 09:35
यमगंड
10:53 – 12:10
गुलिक काल
13:28 – 14:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0007:52दिन
शनि07:5208:44दिन
गुरु08:4409:35दिन
मंगल09:3510:27दिन
सूर्य10:2711:19दिन
शुक्र11:1912:10दिन
बुध12:1013:02दिन
चंद्र13:0213:54दिन
शनि13:5414:45दिन
गुरु14:4515:37दिन
मंगल15:3716:29दिन
सूर्य16:2917:21दिन
शुक्र17:2118:29रात
बुध18:2919:37रात
चंद्र19:3720:46रात
शनि20:4621:54रात
गुरु21:5423:02रात
मंगल23:0200:11रात
सूर्य00:1101:19रात
शुक्र01:1902:27रात
बुध02:2703:36रात
चंद्र03:3604:44रात
शनि04:4405:52रात
गुरु05:5207:01रात

अयनांश 24.2199° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।