30 दिसंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (07:51 तक), नक्षत्र भरणी (03:58, 31 दिस॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:03 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 14:50 से 16:08 तक है।

दिन और रात
दिन 07:03 – 17:25
रात 07:04 तक
तिथि
एकादशी, 05:01 तक
द्वादशी
नक्षत्र
भरणी, 03:58 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:03 – 08:21टालें
उद्वेग08:21 – 09:39टालें
चर09:39 – 10:57सामान्य
लाभ10:57 – 12:14शुभ
अमृत12:14 – 13:32शुभ
काल13:32 – 14:50टालें
शुभ14:50 – 16:08शुभ
रोग16:08 – 17:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:25 – 19:08टालें
लाभ19:08 – 20:50शुभ
उद्वेग20:50 – 22:32टालें
शुभ22:32 – 00:14शुभ
अमृत00:14 – 01:57शुभ
चर01:57 – 03:39सामान्य
रोग03:39 – 05:21टालें
काल05:21 – 07:04टालें

30 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 07:51 तक
शुक्ल एकादशी 05:01, 31 दिस॰ तक
शुक्ल द्वादशी 01:48, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 03:58, 31 दिस॰ तक
कृत्तिका 01:30, 1 जन॰ तक
योग
सिद्ध 01:02, 31 दिस॰ तक
साध्य 21:13, 31 दिस॰ तक
करण
गर 07:51 तक
वणिज 18:29 तक
विष्टि (भद्रा) 05:01, 31 दिस॰ तक
बव 15:26, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:03
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
13:25
चंद्रास्त
02:22
दिनमान
10h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
14:50 – 16:08
यमगंड
09:39 – 10:57
गुलिक काल
12:14 – 13:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0307:55दिन
सूर्य07:5508:47दिन
शुक्र08:4709:39दिन
बुध09:3910:31दिन
चंद्र10:3111:22दिन
शनि11:2212:14दिन
गुरु12:1413:06दिन
मंगल13:0613:58दिन
सूर्य13:5814:50दिन
शुक्र14:5015:42दिन
बुध15:4216:33दिन
चंद्र16:3317:25दिन
शनि17:2518:33रात
गुरु18:3319:42रात
मंगल19:4220:50रात
सूर्य20:5021:58रात
शुक्र21:5823:06रात
बुध23:0600:14रात
चंद्र00:1401:23रात
शनि01:2302:31रात
गुरु02:3103:39रात
मंगल03:3904:47रात
सूर्य04:4705:55रात
शुक्र05:5507:04रात

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।