23 फ़रवरी 2026 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (09:09 तक), नक्षत्र भरणी (16:33 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 08:08 से 09:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:08
रात 06:42 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 16:33 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:43 – 08:08शुभ
काल08:08 – 09:34टालें
शुभ09:34 – 11:00शुभ
रोग11:00 – 12:25टालें
उद्वेग12:25 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:17सामान्य
लाभ15:17 – 16:42शुभ
अमृत16:42 – 18:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:08 – 19:42सामान्य
रोग19:42 – 21:16टालें
काल21:16 – 22:51टालें
लाभ22:51 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:59टालें
शुभ01:59 – 03:33शुभ
अमृत03:33 – 05:08शुभ
चर05:08 – 06:42सामान्य

23 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 09:09 तक
शुक्ल सप्तमी 07:02, 24 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 16:33 तक
कृत्तिका 15:07, 24 फ़र॰ तक
योग
ब्रह्म 10:18 तक
इंद्र 07:23, 24 फ़र॰ तक
करण
तैतिल 09:09 तक
गर 20:06 तक
वणिज 07:02, 24 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मेष 22:12 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
10:03
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
08:08 – 09:34
यमगंड
11:00 – 12:25
गुलिक काल
13:51 – 15:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4307:40दिन
शनि07:4008:37दिन
गुरु08:3709:34दिन
मंगल09:3410:31दिन
सूर्य10:3111:28दिन
शुक्र11:2812:25दिन
बुध12:2513:22दिन
चंद्र13:2214:19दिन
शनि14:1915:17दिन
गुरु15:1716:14दिन
मंगल16:1417:11दिन
सूर्य17:1118:08दिन
शुक्र18:0819:11रात
बुध19:1120:13रात
चंद्र20:1321:16रात
शनि21:1622:19रात
गुरु22:1923:22रात
मंगल23:2200:25रात
सूर्य00:2501:28रात
शुक्र01:2802:31रात
बुध02:3103:33रात
चंद्र03:3304:36रात
शनि04:3605:39रात
गुरु05:3906:42रात

अयनांश 24.2223° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।