21 मार्च 2026 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 21 मार्च 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 मार्च 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (23:56 तक), नक्षत्र अश्विनी (00:37, 22 मार्च तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 09:17 से 10:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:23
रात 06:14 तक
तिथि
तृतीया, 23:56 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अश्विनी, 00:37 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:15 – 07:46टालें
शुभ07:46 – 09:17शुभ
रोग09:17 – 10:48टालें
उद्वेग10:48 – 12:19टालें
चर12:19 – 13:50सामान्य
लाभ13:50 – 15:21शुभ
अमृत15:21 – 16:52शुभ
काल16:52 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:23 – 19:52शुभ
उद्वेग19:52 – 21:21टालें
शुभ21:21 – 22:50शुभ
अमृत22:50 – 00:19शुभ
चर00:19 – 01:47सामान्य
रोग01:47 – 03:16टालें
काल03:16 – 04:45टालें
लाभ04:45 – 06:14शुभ

21 मार्च 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 23:56 तक
शुक्ल चतुर्थी 21:17, 22 मार्च तक
नक्षत्र
अश्विनी 00:37, 22 मार्च तक
भरणी 22:42, 22 मार्च तक
योग
इंद्र 19:01 तक
वैधृतिअशुभ 15:41, 22 मार्च तक
करण
तैतिल 13:15 तक
गर 23:56 तक
वणिज 10:37, 22 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
07:22
चंद्रास्त
21:00
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
09:17 – 10:48
यमगंड
13:50 – 15:21
गुलिक काल
06:15 – 07:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1507:16दिन
गुरु07:1608:16दिन
मंगल08:1609:17दिन
सूर्य09:1710:18दिन
शुक्र10:1811:18दिन
बुध11:1812:19दिन
चंद्र12:1913:20दिन
शनि13:2014:21दिन
गुरु14:2115:21दिन
मंगल15:2116:22दिन
सूर्य16:2217:23दिन
शुक्र17:2318:23दिन
बुध18:2319:23रात
चंद्र19:2320:22रात
शनि20:2221:21रात
गुरु21:2122:20रात
मंगल22:2023:19रात
सूर्य23:1900:19रात
शुक्र00:1901:18रात
बुध01:1802:17रात
चंद्र02:1703:16रात
शनि03:1604:15रात
गुरु04:1505:15रात
मंगल05:1506:14रात

अयनांश 24.2233° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।