10 सितंबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 10 सितंबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (10:33 तक), नक्षत्र मघा (14:04 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 13:42 से 15:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:23
रात 05:55 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:33 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मघा, 14:04 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:54 – 07:28शुभ
रोग07:28 – 09:01टालें
उद्वेग09:01 – 10:35टालें
चर10:35 – 12:09सामान्य
लाभ12:09 – 13:42शुभ
अमृत13:42 – 15:16शुभ
काल15:16 – 16:49टालें
शुभ16:49 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:23 – 19:49शुभ
चर19:49 – 21:16सामान्य
रोग21:16 – 22:42टालें
काल22:42 – 00:09टालें
लाभ00:09 – 01:35शुभ
उद्वेग01:35 – 03:02टालें
शुभ03:02 – 04:28शुभ
अमृत04:28 – 05:55शुभ

10 सितंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 10:33 तक
अमावस्या 08:56, 11 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 14:04 तक
पूर्वा फाल्गुनी 13:16, 11 सित॰ तक
योग
सिद्ध 19:17 तक
साध्य 17:02, 11 सित॰ तक
करण
शकुनि 10:33 तक
चतुष्पद 21:42 तक
नाग 08:56, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
04:50
चंद्रास्त
17:52
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
13:42 – 15:16
यमगंड
05:54 – 07:28
गुलिक काल
09:01 – 10:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5406:57दिन
मंगल06:5707:59दिन
सूर्य07:5909:01दिन
शुक्र09:0110:04दिन
बुध10:0411:06दिन
चंद्र11:0612:09दिन
शनि12:0913:11दिन
गुरु13:1114:13दिन
मंगल14:1315:16दिन
सूर्य15:1616:18दिन
शुक्र16:1817:21दिन
बुध17:2118:23दिन
चंद्र18:2319:21रात
शनि19:2120:18रात
गुरु20:1821:16रात
मंगल21:1622:14रात
सूर्य22:1423:11रात
शुक्र23:1100:09रात
बुध00:0901:07रात
चंद्र01:0702:04रात
शनि02:0403:02रात
गुरु03:0203:59रात
मंगल03:5904:57रात
सूर्य04:5705:55रात

अयनांश 24.2299° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।