23 सितंबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 23 सितंबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 23 सितंबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (22:50 तक), नक्षत्र श्रवण (09:09 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 12:04 से 13:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:07
रात 06:01 तक
तिथि
द्वादशी, 22:50 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण, 09:09 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:01 – 07:31शुभ
अमृत07:31 – 09:02शुभ
काल09:02 – 10:33टालें
शुभ10:33 – 12:04शुभ
रोग12:04 – 13:35टालें
उद्वेग13:35 – 15:06टालें
चर15:06 – 16:37सामान्य
लाभ16:37 – 18:07शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:07 – 19:37टालें
शुभ19:37 – 21:06शुभ
अमृत21:06 – 22:35शुभ
चर22:35 – 00:04सामान्य
रोग00:04 – 01:33टालें
काल01:33 – 03:03टालें
लाभ03:03 – 04:32शुभ
उद्वेग04:32 – 06:01टालें

23 सितंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 22:50 तक
शुक्ल त्रयोदशी 23:18, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:09 तक
धनिष्ठा 10:35, 24 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 16:27 तक
धृति 15:54, 24 सित॰ तक
करण
बव 10:22 तक
बालव 22:50 तक
कौलव 11:09, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 21:57 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
16:12
चंद्रास्त
02:32
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:28 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:04 – 13:35
यमगंड
07:31 – 09:02
गुलिक काल
10:33 – 12:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0107:01दिन
चंद्र07:0108:02दिन
शनि08:0209:02दिन
गुरु09:0210:03दिन
मंगल10:0311:03दिन
सूर्य11:0312:04दिन
शुक्र12:0413:05दिन
बुध13:0514:05दिन
चंद्र14:0515:06दिन
शनि15:0616:06दिन
गुरु16:0617:07दिन
मंगल17:0718:07दिन
सूर्य18:0719:07रात
शुक्र19:0720:06रात
बुध20:0621:06रात
चंद्र21:0622:05रात
शनि22:0523:05रात
गुरु23:0500:04रात
मंगल00:0401:04रात
सूर्य01:0402:03रात
शुक्र02:0303:03रात
बुध03:0304:02रात
चंद्र04:0205:02रात
शनि05:0206:01रात

अयनांश 24.2304° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।