3 दिसंबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (23:04 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (09:23 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 13:20 से 14:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 17:15
रात 06:49 तक
तिथि
दशमी, 23:04 तक
एकादशी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:48 – 08:06शुभ
रोग08:06 – 09:25टालें
उद्वेग09:25 – 10:43टालें
चर10:43 – 12:01सामान्य
लाभ12:01 – 13:20शुभ
अमृत13:20 – 14:38शुभ
काल14:38 – 15:57टालें
शुभ15:57 – 17:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:15 – 18:57शुभ
चर18:57 – 20:38सामान्य
रोग20:38 – 22:20टालें
काल22:20 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:43शुभ
उद्वेग01:43 – 03:25टालें
शुभ03:25 – 05:07शुभ
अमृत05:07 – 06:49शुभ

3 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 23:04 तक
कृष्ण एकादशी 23:45, 4 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:23, 4 दिस॰ तक
योग
प्रीति 09:15 तक
आयुष्मान 08:23, 4 दिस॰ तक
करण
वणिज 10:54 तक
विष्टि (भद्रा) 23:04 तक
बव 11:21, 4 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
01:27
चंद्रास्त
13:28
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
13:20 – 14:38
यमगंड
06:48 – 08:06
गुलिक काल
09:25 – 10:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4807:40दिन
मंगल07:4008:32दिन
सूर्य08:3209:25दिन
शुक्र09:2510:17दिन
बुध10:1711:09दिन
चंद्र11:0912:01दिन
शनि12:0112:54दिन
गुरु12:5413:46दिन
मंगल13:4614:38दिन
सूर्य14:3815:30दिन
शुक्र15:3016:23दिन
बुध16:2317:15दिन
चंद्र17:1518:23रात
शनि18:2319:31रात
गुरु19:3120:38रात
मंगल20:3821:46रात
सूर्य21:4622:54रात
शुक्र22:5400:02रात
बुध00:0201:10रात
चंद्र01:1002:17रात
शनि02:1703:25रात
गुरु03:2504:33रात
मंगल04:3305:41रात
सूर्य05:4106:49रात

अयनांश 24.2331° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।