8 मार्च 2027 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 8 मार्च 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 मार्च 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (14:59 तक), नक्षत्र शतभिषा (08:35 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 07:58 से 09:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:16
रात 06:29 तक
तिथि
अमावस्या, 14:59 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:30 – 07:58शुभ
काल07:58 – 09:26टालें
शुभ09:26 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:23टालें
उद्वेग12:23 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:19सामान्य
लाभ15:19 – 16:48शुभ
अमृत16:48 – 18:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:16 – 19:47सामान्य
रोग19:47 – 21:19टालें
काल21:19 – 22:51टालें
लाभ22:51 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:26शुभ
अमृत03:26 – 04:57शुभ
चर04:57 – 06:29सामान्य

8 मार्च 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 14:59 तक
शुक्ल प्रतिपदा 15:41, 9 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:35 तक
पूर्वा भाद्रपद 09:58, 9 मार्च तक
योग
साध्य 02:43, 9 मार्च तक
शुभ 01:58, 10 मार्च तक
करण
नाग 14:59 तक
किंस्तुघ्न 03:24, 9 मार्च तक
बव 15:41, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 03:40, 9 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
06:15
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
07:58 – 09:26
यमगंड
10:55 – 12:23
गुलिक काल
13:51 – 15:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3007:29दिन
शनि07:2908:27दिन
गुरु08:2709:26दिन
मंगल09:2610:25दिन
सूर्य10:2511:24दिन
शुक्र11:2412:23दिन
बुध12:2313:22दिन
चंद्र13:2214:21दिन
शनि14:2115:19दिन
गुरु15:1916:18दिन
मंगल16:1817:17दिन
सूर्य17:1718:16दिन
शुक्र18:1619:17रात
बुध19:1720:18रात
चंद्र20:1821:19रात
शनि21:1922:20रात
गुरु22:2023:21रात
मंगल23:2100:22रात
सूर्य00:2201:23रात
शुक्र01:2302:24रात
बुध02:2403:26रात
चंद्र03:2604:27रात
शनि04:2705:28रात
गुरु05:2806:29रात

अयनांश 24.2368° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।